भारी बारिश का कहर: धारचूला में भूस्खलन से सीमा मार्ग बाधित, 50 से अधिक गांव प्रभावित
50 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित, 11 सड़कें बंद; बीआरओ और प्रशासन युद्धस्तर पर जुटे, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

पिथौरागढ़/धारचूला। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो गया है। शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण टनकपुर–तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर तवाघाट के निकट पहाड़ी से भारी चट्टानें और बोल्डर गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके चलते चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों का संपर्क अस्थायी रूप से प्रभावित हो गया। मार्ग बंद होने से दारमा, व्यास और चौदास घाटी सहित 50 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित रहा। हालांकि धारचूला–तवाघाट–गुंजी मार्ग के कुछ हिस्सों में यातायात आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति बनने में अभी समय लग सकता है। जिले में भारी बारिश के कारण कुल 11 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इनमें सोबला–दर–तिदांग, देवीसूना–खेतारकन्याल, तवाघाट–ठानीधार तथा मदकोट–दारमा सहित कई ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सीमांत सड़कों की देखरेख कर रही सीमा सड़क संगठन (BRO) और जिला प्रशासन की टीमें लगातार मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने में जुटी हुई हैं। बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। कुछ क्षेत्रों में पैदल पुल बह जाने से ग्रामीणों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आदि कैलाश यात्रा पहले ही मानसून अवधि के लिए स्थगित की जा चुकी है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें तथा यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण या बीआरओ से सड़क की ताज़ा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की संभावना जताए जाने के कारण क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। मुख्य बिंदु तवाघाट के पास भूस्खलन से टनकपुर–तवाघाट मार्ग प्रभावित। दारमा, व्यास और चौदास घाटी सहित 50+ गांवों का संपर्क प्रभावित। जिले की 11 सड़कें भारी बारिश से बंद या प्रभावित। बीआरओ और प्रशासन मलबा हटाने के कार्य में जुटे। खराब मौसम के चलते आदि कैलाश यात्रा पहले से स्थगित। प्रशासन ने यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी.
