EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन में बड़ा बदलाव: अब भवन का सत्यापन करेंगे राजस्व उप निरीक्षक, तकनीकी विभाग नहीं
पिथौरागढ़ प्रशासन का नया आदेश जारी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों को मिलेगी राहत, प्रक्रिया होगी सरल और तेज

पिथौरागढ़। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदकों के लिए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब EWS प्रमाण पत्र के लिए भवन एवं संपत्ति के सत्यापन का कार्य तकनीकी विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं (JE) के बजाय राजस्व उप निरीक्षक (राजस्व निरीक्षक) द्वारा किया जाएगा। कार्यालय जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से जारी पत्र में कहा गया है कि जनपद की विभिन्न तहसीलों से यह शिकायतें और जानकारी प्राप्त हो रही थीं कि EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों से आय एवं संपत्ति के सत्यापन के अतिरिक्त तकनीकी विभाग के अभियंताओं से भवन का माप, नक्शा और सत्यापन कराने को कहा जा रहा था, जिससे आवेदकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड अधिसूचना संख्या-07 वर्ष 2019 के तहत EWS आरक्षण के लिए संपत्ति संबंधी पात्रता निर्धारित की गई है, लेकिन इसमें तकनीकी विभाग द्वारा किसी प्रकार के भवन सत्यापन का कोई प्रावधान नहीं है। भवन का सर्वेक्षण एवं मापन राजस्व उप निरीक्षकों के दायित्वों में शामिल है। इसी के मद्देनज़र अपर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में राजस्व उप निरीक्षकों के माध्यम से भवन का नक्शा, माप एवं फोटोग्राफ का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराएं, ताकि EWS प्रमाण पत्र समयबद्ध तरीके से जारी किए जा सकें। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, अनावश्यक तकनीकी औपचारिकताएं समाप्त होंगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सकेगा। मुख्य बिंदु 1.
EWS प्रमाण पत्र सत्यापन को लेकर नया प्रशासनिक आदेश। 2.
भवन सत्यापन अब तकनीकी विभाग नहीं, राजस्व उप निरीक्षक करेंगे। 3.
कनिष्ठ अभियंताओं से सत्यापन कराने की बाध्यता समाप्त। 4.
सभी एसडीएम को आदेश के पालन के निर्देश। 5.
पात्र आवेदकों को मिलेगी राहत, प्रक्रिया होगी अधिक सरल एवं तेज। — VANI NEWS & ENTERTAINMENT "जनता की आवाज़, जनता के साथ".
