पिथौरागढ़। जनपद में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल पिथौरागढ़ एवं कोतवाली बेरीनाग पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े म्यूल अकाउंट मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। NCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई जांच में ऐसे बैंक खातों का पता चला, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर स्थानांतरित करने और उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ के निर्देशन में साइबर सेल की टीम ने मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये की धनराशि के लेन-देन की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने और पैसों के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए करते हैं। कई बार लोगों को कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड या बैंकिंग सुविधाएं इस्तेमाल करने के लिए ले ली जाती हैं। ऐसे में खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकते हैं और परिस्थितियों के अनुसार कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इस मामले में कोतवाली बेरीनाग में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बेरीनाग नरेश कुमार गंगवार द्वारा की गई।
विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपी अमनदीप, निवासी ग्राम सिमाली, बेरीनाग, हाल निवासी जवाहर ज्योति, दमुवाढूंगा, हल्द्वानी को पुलिस टीम ने भैंसियाछाना क्षेत्र के चौकी ग्राम तिराहे से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार गंगवार, हेड कांस्टेबल मोहन भट्ट एवं हेड कांस्टेबल महेन्द्र पाल शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण में इससे पहले भी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच यह कार्रवाई आम लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। थोड़े से कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने देना भारी पड़ सकता है।
अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या चेकबुक किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें । बैंकिंग से जुड़े ओटीपी, पिन, पासवर्ड और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी से साझा न करें । किसी दूसरे व्यक्ति की रकम अपने खाते में मंगवाकर आगे ट्रांसफर न करें । नौकरी, कमीशन या ऑनलाइन कमाई के नाम पर बैंक खाते का इस्तेमाल कराने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें । यदि आपके खाते का दुरुपयोग हुआ है, तो तुरंत अपने बैंक और पुलिस को सूचना दें ।
यदि आपके साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
पुलिस की कार्रवाई के साथ जन-जागरूकता भी जरूरी है। याद रखें—बैंक खाता आपका है, इसलिए उसका इस्तेमाल किस काम में हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें। थोड़े से लालच में अपना खाता दूसरों को देना आपको साइबर अपराध की जांच में फंसा सकता है।


