विशेष लेख
उत्तराखण्डपहाड़ों की सड़कों पर हादसे या व्यवस्था की लापरवाही?
हर दुर्घटना के बाद चालक को दोष देने से आगे बढ़कर सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, विभागीय निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की जरूरत

उत्तराखण्डलोकेशन पहाड़ की, कहानी में पहाड़ नहीं
‘मंगल’ में प्राकृतिक सुंदरता तो भरपूर, लेकिन पलायन, मजबूरी और पहाड़ की असली जिंदगी नदारद

देशजैन जी, एल्फा अंतरिक्ष से नहीं टपके हैं!
सभ्यता, संस्कृति, संस्कार और विज्ञान की साझा यात्रा ने गढ़ी अंतरिक्ष तक पहुंचने की यह कहानी

उत्तराखण्डसातू-आठू पर्व को गांवों की मूल परंपरा में बचाना जरूरी : मयूख भट्ट
जनपद स्तरीय आयोजन प्रतीकात्मक हो, मूल पर्व के दिन गांवों की परंपराओं को मिले प्राथमिकता

उत्तराखण्डसत्ता बदली, सियासत नहीं: ‘एनिमल फार्म’ का सच आज भी जिंदा
राजनीतिक झंडों, वीआईपी संस्कृति और दोहरे कानून के बीच ‘एनिमल फार्म’ का आईना—क्या लोकतंत्र में भी पनप रहा है विशेषाधिकार का नया वर्ग ?

उत्तराखण्डGen Z की भाषा पर हंगामा, लेकिन असली सवालों पर खामोशी क्यों?
जब OTT, वेब सीरीज़ और फ़िल्मों में गाली-गलौज मनोरंजन कहलाती है, तो युवाओं की भाषा पर केवल नैतिकता का पाठ पढ़ाना क्या समस्या का समाधान है, या हम कारणों की बजाय केवल परिणामों पर बहस कर रहे हैं?

उत्तराखण्डजनता मिलन की भीड़: भरोसे की जीत या व्यवस्था पर बड़ा सवाल?
जनता का भरोसा मजबूत, लेकिन निचले स्तर की व्यवस्था पर उठ रहे प्रश्न
पिथौरागढ़पलायन नहीं, ग्राम पुनर्जागरण बने उत्तराखंड के विकास का आधार
डॉ. किशोर कुमार पंत का लेख: खेती, फसल सुरक्षा, स्थानीय रोजगार, जल संरक्षण और ग्राम-केंद्रित विकास मॉडल अपनाकर ही पलायन रोका जा सकता है, गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने की जरूरत।

