थल (पिथौरागढ़)। थल क्षेत्र के कुमालगांव स्थित ग्राम देवता छुरमल मंदिर में मंगलवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया। धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन गांव में भक्तिमय माहौल रहा। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकालकर कार्यक्रम का विधिवत आगाज किया।
कलश यात्रा में यजमान जगदीश सिंह देऊपा ने सिर पर श्रीमद्भागवत पुराण धारण किया, जबकि महिलाओं ने पारंपरिक रंगाली पिछौड़ा पहनकर सुसज्जित कलशों के साथ गांव से छुरमल मंदिर तक यात्रा निकाली। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ भागीदारी की।
मंदिर परिसर में आचार्य गौरव भट्ट ने यजमान जगदीश देऊपा, चंद्रकला देऊपा, अनिल देऊपा, गरिमा देऊपा, डॉ. मोहन सिंह देऊपा, डॉ. दीपा देऊपा, तारा देवी और कृष्ण सिंह अधिकारी से विधि-विधान के साथ कलश स्थापना, गणेश पूजा एवं होम-यज्ञ संपन्न कराया।
कथा के प्रथम दिन कथावाचक व्यास नीरज जोशी ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ की महिमा और उसके आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने भागवत कथा के माध्यम से भक्ति, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना के संदेश दिए।
कथा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा भागवत मंडप भक्तिमय हो उठा। कथा के समापन पर महाआरती की गई और भगवान को भोग अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
भागवत आयोजन की मुख्य यजमान पार्वती देवी ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। आगामी सात दिनों तक छुरमल मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालु धर्म और अध्यात्म की रसधार में सराबोर होंगे।



