धारचूला ! पिथौरागढ़ । सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से इस समय बेहद गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। धारचूला–तवाघाट मार्ग पर कुलागाड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण पुल भारी बारिश, नदी के तेज उफान और ऊपर से हुई स्लाइडिंग की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया है।
यह पुल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके माध्यम से जुम्मा, खेला, स्यांकुरी, गरगुआ और जमकू सहित व्यास घाटी, धारमा घाटी और चौदास घाटी के अनेक क्षेत्रों की आवाजाही मुख्य सड़क व्यवस्था से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों के सामने बढ़ा संकट पुल के अचानक ध्वस्त होने के बाद सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों के लिए यह मार्ग रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुल टूटने से क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को अब वैकल्पिक मार्ग या अन्य व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मार्ग कुलागाड़ का यह मार्ग केवल ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाला रास्ता नहीं है, बल्कि सीमांत और सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग का इस्तेमाल सीमांत क्षेत्र में आवश्यक सरकारी व्यवस्थाओं के साथ-साथ रक्षा संबंधी लॉजिस्टिक और आपूर्ति के लिए भी किया जाता है।
ऐसे में महत्वपूर्ण पुल का ध्वस्त होना सिर्फ स्थानीय आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि सीमांत कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और सामरिक दृष्टि से भी गंभीर विषय बन गया है।
कुलागाड़ में पुल टूटने का पुराना इतिहास कुलागाड़ क्षेत्र में पुलों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। वर्ष 2021 में भी भारी बारिश और कुलागाड़ गधेरे के तेज बहाव के कारण पुल बह गया था, जिसके बाद सीमांत क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ था। उस समय वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आवाजाही बहाल की गई थी।
अब एक बार फिर पुल के ध्वस्त होने से इस संवेदनशील क्षेत्र में स्थायी और आपदा-रोधी पुल निर्माण की आवश्यकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती पुल टूटने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती सीमांत गांवों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करना है। साथ ही प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने वैकल्पिक मार्ग अथवा अस्थायी पुल की व्यवस्था कर जल्द से जल्द संपर्क बहाल करने की चुनौती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए मजबूत एवं स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए।
VANI NEWS | पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र से बड़ी खबर


