वडोदरा। गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) का चौथा दीक्षांत समारोह 17 जुलाई 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू रहे। इस अवसर पर 121 विद्यार्थियों को बी.टेक और एमबीए कार्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय ने पहली बार मेट्रो रेल प्रबंधन विषय में एमबीए की डिग्री भी प्रदान की।
समारोह में देश के प्रसिद्ध इंजीनियर और 'मेट्रो मैन' के नाम से विख्यात ई. श्रीधरन को परिवहन एवं अवसंरचना क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए मानद पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया। विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विवेक यादव, संदीप पटेल, अभिनंदन गुप्ता, ऋषभ त्रिपाठी और सुरेश सेंगुंदरमुदलियार को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। वहीं, उत्कृष्ट परियोजना पुरस्कार दुर्गेश कुमार और संदीप पटेल को तथा वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र का सम्मान विवेक कुमार को दिया गया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने छात्रों को 'तीन एम'—गति (Movement), संवेग (Momentum) और मिशन (Mission)—का संदेश देते हुए जीवन में स्पष्ट लक्ष्य और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारत का परिवहन और विमानन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है तथा रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहाल (एमआरओ) क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहा है। उन्होंने जीएसवी और डीजीसीए के सहयोग से विकसित विमान रखरखाव इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
विशिष्ट अतिथि ई. श्रीधरन ने छात्रों से जीवनभर सीखते रहने, समय की पाबंदी, ईमानदारी और पेशेवर दक्षता को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अच्छे चरित्र और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही व्यक्ति समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है।
वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि जिस दिन देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हुआ, उसी दिन छात्रों का दीक्षांत समारोह आयोजित होना विशेष गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वविद्यालय के 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड की सराहना करते हुए छात्रों से अपनी डिग्री को नई उपलब्धियों की शुरुआत मानने का आग्रह किया।
राजमाता शुभांगिनीराजे गायकवाड़ ने विद्यार्थियों को जीवनभर नैतिक मूल्यों और सतत विकास के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी। वहीं, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक सुकरण सिंह ने एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार तथा मजबूत परीक्षण प्रणालियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय के अधीन स्थापित यह केंद्रीय विश्वविद्यालय परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अवसंरचना क्षेत्र के लिए उद्योग-उन्मुख शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जीएसवी उद्योग-संचालित एवं नवाचार-आधारित शिक्षा मॉडल पर कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत क्षमता निर्माण के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में भी कार्यरत है और अब तक अपने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 24 लाख से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है।


