पिथौरागढ़।

नवाचारों के लिए देश में अपनी अलग पहचान बना चुके राजकीय आदर्श विद्यालय जाजर चिंगरी में शिक्षा के क्षेत्र में एक और अनोखा प्रयोग शुरू किया गया है। इस बार विद्यालय ने बिना किसी महंगे डिजिटल उपकरण के मैनुअल फिंगर अटेंडेंस सिस्टम तैयार किया है।

खास बात यह है कि यह फिंगर अटेंडेंस सिस्टम बाजार से खरीदा हुआ डिजिटल उपकरण नहीं है, बल्कि विद्यालय में ही माचिस की डिब्बियों को एक बोर्ड पर लगाकर तैयार किया गया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए तैयार इस अभिनव व्यवस्था ने विद्यालय में आकर्षण पैदा कर दिया है।

विद्यालय में छात्र-छात्राएं फिंगर अटेंडेंस लगाते हुए काफी उत्साहित नजर आए। इस नवाचार को अभिभावकों के सामने भी प्रदर्शित किया गया, जिसे देखकर अभिभावक और विद्यार्थी दोनों खुश नजर आए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर जोशी, जिन्हें शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, ने बताया कि इस नवाचार का उद्देश्य बच्चों को नई सोच, तकनीक और प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से छात्रों में नया उत्साह पैदा हुआ है और उपस्थिति दर्ज करने में लगने वाले समय की भी बचत होती है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में तैयार किए गए इस मैनुअल सिस्टम में बच्चे विद्यालय आने पर अपनी निर्धारित फिंगर अटेंडेंस दर्ज करते हैं और छुट्टी के समय उसे बंद कर विद्यालय से जाते हैं। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उपस्थिति की प्रक्रिया समझने के साथ-साथ नई तकनीक और नवाचार के प्रति रुचि पैदा हो रही है।

प्रधानाचार्य ने कहा कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें करके सीखने और नई चीजें बनाने का अवसर देना विद्यालय की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत विद्यालय में एआई टीचर सहित विभिन्न नई तकनीकों और नवाचारों को पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है।

मैनुअल फिंगर अटेंडेंस सिस्टम की सबसे खास बात इसकी कम लागत और स्थानीय संसाधनों से तैयार होना है। साधारण माचिस की डिब्बियों और बोर्ड का उपयोग कर तैयार किए गए इस मॉडल ने यह संदेश दिया है कि नवाचार के लिए हमेशा महंगे संसाधनों की जरूरत नहीं होती, बल्कि नई सोच और रचनात्मकता से उपलब्ध सामग्री का भी उपयोग किया जा सकता है।

विद्यालय में लगातार किए जा रहे ऐसे प्रयोगों से अभिभावक भी काफी प्रसन्न नजर आए। अभिभावक विद्यालय में मिठाई लेकर पहुंचे और उसे शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के बीच वितरित किया। अभिभावकों ने विद्यालय में पढ़ाई के साथ नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

राजकीय आदर्श विद्यालय जाजर चिंगरी का यह प्रयोग ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है कि सीमित संसाधनों में भी बच्चों को नई सोच, प्रयोग और तकनीक से जोड़ा जा सकता है। _ VANI NEWS