पिथौरागढ़। जिला कारागार पिथौरागढ़ में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और रिहाई के बाद स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 21 दिवसीय उद्यमिता विकास एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। 16 अक्टूबर 2026 से 5 नवंबर 2026 तक संचालित होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज श्रीमती मंजू देवी ने किया।
उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड शासन के तत्वावधान में जिला उद्योग केंद्र पिथौरागढ़ के प्रायोजन तथा उपलब्धि सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कारागार के बंदी प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई का व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ उद्यमिता और स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक कविता भगत ने प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से बंदी अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं और भविष्य में आजीविका के साधन विकसित कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों और शंकाओं का समाधान भी किया।
जिला कारागार के अधीक्षक अनुभव त्रिपाठी ने इस पहल की सराहना करते हुए उपलब्धि सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति का आभार जताया। उन्होंने बंदियों को प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन बनाए रखने और पूरे मनोयोग से हुनर सीखने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि कारागार में कौशल विकास की पहल बंदियों के सुधार और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं, संस्था के सचिव अरविंद सिंह ज्याला ने संस्था की गतिविधियों और उद्यमिता विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का रास्ता मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक भगवती प्रसाद अवस्थी, डिप्टी जेलर विजय भंडारी, सिलाई प्रशिक्षक मुहम्मद सुल्तान खान सहित संस्था के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शुभारंभ के बाद प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई प्रशिक्षण की सहायक सामग्री वितरित की गई। सिलाई प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को सिलाई मशीन के बारे में प्रारंभिक जानकारी भी दी।
यह पहल बंदियों को उपयोगी कौशल प्रदान कर उनके पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


