नई दिल्ली। PIB : संगठित तस्करी गिरोहों और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देशभर में खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। विभिन्न राज्यों में की गई कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 15 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट, लगभग 4 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन, करीब 85 लाख तस्करी की गई विदेशी सिगरेट तथा ड्रोन के माध्यम से भारत में गिराई गई दो पाकिस्तान निर्मित पिस्तौलें बरामद की हैं। इन अभियानों में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को विशेष सूचना के आधार पर मिजोरम के आइजोल-चंफाई मार्ग पर एक ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। ट्रक में ईंट के आकार के पैकेटों के भीतर 15 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां छिपाकर रखी गई थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप म्यांमार से जोखावथर मार्ग के जरिए भारत लाई गई थी। मामले में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

इसके अगले दिन 16 जुलाई को डीआरआई ने मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर दुबई से आए एक आयात कंटेनर को रोका। दस्तावेजों में कंटेनर में प्लास्टिक स्टोरेज बॉक्स होने की घोषणा की गई थी, लेकिन जांच में उसमें विदेशी निर्मित गोल्ड फ्लेक ब्रांड की लगभग 85 लाख सिगरेट मिलीं। लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य की इन तस्करी की गई सिगरेटों को जब्त कर लिया गया।

17 जुलाई को पंजाब के अमृतसर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट ड्रोन से गिराए गए दो पार्सलों को डीआरआई अधिकारियों ने बरामद किया। जांच में इन पार्सलों से दो पाकिस्तान निर्मित पिस्तौलें और उनकी मैगजीन मिलीं। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हथियार संबंधित पुलिस को सौंप दिए गए हैं।

इसी दिन चेन्नई में भी डीआरआई ने खुफिया सूचना के आधार पर एक गुप्त ठिकाने पर छापा मारकर लगभग 4 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन बरामद किया। यह रसायन मेथम्फेटामाइन जैसे सिंथेटिक मादक पदार्थों के अवैध निर्माण में उपयोग किया जाता है। जांच में पता चला कि इसे परिसर के भीतर विशेष रूप से बनाई गई एक गुप्त गुफा में छिपाकर रखा गया था और इसे अवैध रूप से विदेश भेजने की तैयारी थी। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई का कहना है कि ये सभी अभियान संगठित तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध तंबाकू व्यापार और सीमा पार हथियारों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों पर कार्रवाई आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी।