पिथौरागढ़। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को शहर में निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा में हिस्सा लिया। यात्रा का मुख्य आकर्षण सड़क पर फैलाया गया विशाल राष्ट्रीय ध्वज रहा।

हालांकि, यात्रा के बाद सामने आई तस्वीरों और वीडियो को लेकर अब राष्ट्रीय ध्वज के अभिविन्यास को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित ड्रोन फुटेज और तस्वीरों में विशाल तिरंगा ऐसी स्थिति में दिखाई दे रहा है, जिसे कई लोगों ने उल्टा ध्वज प्रदर्शित किए जाने के रूप में बताया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

विपक्ष ने उठाए सवाल मामले को लेकर विपक्षी नेताओं और कुछ सामाजिक संगठनों ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन-बान-शान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, इसलिए किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में उसके प्रदर्शन को लेकर पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।

विपक्ष की ओर से कहा गया कि यदि इतने बड़े स्तर पर तिरंगा यात्रा आयोजित की जा रही थी तो आयोजकों को पहले से यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि राष्ट्रीय ध्वज Flag Code of India के अनुरूप ही प्रदर्शित हो। विपक्ष ने पूरे मामले पर आयोजकों से स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

आयोजकों की मंशा पर भी सवाल, लेकिन गलती अनजाने में होने की बात वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यदि ध्वज का अभिविन्यास गलत हुआ है तो यह जानबूझकर नहीं, बल्कि अनजाने में हुई त्रुटि हो सकती है। यात्रा में शामिल लोगों का उद्देश्य राष्ट्रध्वज का सम्मान और देशभक्ति का संदेश देना था।

कानूनी रूप से भी केवल तस्वीर देखकर किसी व्यक्ति की मंशा तय करना उचित नहीं होगा। इसलिए मामले में जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया ऐसा निष्कर्ष बिना तथ्यों और जांच के निकालना उचित नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से बढ़ी चर्चा तिरंगा यात्रा के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। एक तरफ जहां बड़ी संख्या में लोग यात्रा के देशभक्ति संदेश की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ध्वज के अभिविन्यास को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर उठी इस चर्चा के बीच अब जरूरत इस बात की है कि आयोजक पूरे मामले पर स्पष्ट और तथ्यात्मक स्थिति सामने रखें तथा भविष्य में तिरंगा यात्रा सहित सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन के नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।

तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था, लेकिन ध्वज के अभिविन्यास को लेकर उठे सवालों ने अब इस आयोजन को एक अलग चर्चा का विषय बना दिया है। _ VANI NEWS