थल (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच बरसाती नाले का तेज बहाव दो युवकों के लिए जानलेवा साबित हुआ। थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बरड़ बैंड के पास रविवार रात स्कूटी के उफनते नाले में रपटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा उसका दोस्त घायल अवस्था में अपनी जान बचाने में सफल रहा।

जानकारी के अनुसार, सोमेश्वर तहसील के तिलौड़ा और नैनोली गांव निवासी हिमांशु नयाल (19) पुत्र शिवपाल नयाल और गौरव कुमार (18) पुत्र गिरीश राम दो दिन पहले किराये की स्कूटी लेकर धारचूला क्षेत्र की दारमा वैली घूमने गए थे। रविवार रात करीब नौ बजे घर लौटते समय बरड़ बैंड के पास बारिश के कारण उफान पर आए बरसाती नाले में उनकी स्कूटी फिसल गई। दोनों युवक स्कूटी समेत तेज बहाव में बह गए।

हादसे में स्कूटी चला रहा हिमांशु नयाल करीब 150 फीट नीचे गिरकर लापता हो गया, जबकि गौरव कुमार सड़क से लगभग 20 फीट नीचे जा गिरा। इस दौरान गौरव ने अचानक हाथ आए एक पत्थर को पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई। होश आने पर उसने हिम्मत जुटाई और किसी तरह सड़क तक पहुंचकर डायल 112 पर पुलिस को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही रात करीब 9:20 बजे थानाध्यक्ष गणेश दत्त भट्ट के नेतृत्व में थल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने रात दो बजे तक खोजबीन की, लेकिन अंधेरे के कारण हिमांशु का पता नहीं चल सका। घायल गौरव को रात में ही गोचर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

सोमवार सुबह छह बजे थल थाना पुलिस और अस्कोट से पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान हिमांशु नयाल सड़क से करीब 200 फीट नीचे पत्थरों के बीच मिला। रेस्क्यू कर उसे सड़क तक लाया गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घायल गौरव कुमार ने बताया कि बारिश के कारण बरसाती नाला अचानक उफान पर आ गया था। उन्हें पानी के तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा और स्कूटी फिसलकर बह गई। हादसे में गौरव के सिर, कंधे और कमर में चोटें आई हैं। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी हालत अब ठीक है और कुछ घंटे बाद उसे घर भेजा जा सकता है।

मृतक हिमांशु नयाल बीए का छात्र था, जबकि गौरव कुमार बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। थल थाना पुलिस ने शव को पंचनामा और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जिला मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सर्च अभियान में थानाध्यक्ष गणेश दत्त भट्ट, एसआई दिनेश शर्मा, एसआई विनोद भट्ट, एसआई दीपक लेखक, हेड कांस्टेबल राजेश, प्रेम पुरी, नवीन राणा, जगदीश मारकूना तथा अस्कोट के एसआई रवि रावत के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम शामिल रही।

अपील: बारिश के दौरान बरसाती नालों और उफनती जलधाराओं को पार करने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और तेज बहाव गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।