चंपावत। जिले की एक पटवारी चौकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद गहरा गया है। एक ओर पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ की चंपावत इकाई ने वीडियो बनाने वाले लक्ष्मी दत्त जोशी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर वायरल वीडियो में पटवारी चौकी की जर्जर और बदहाल स्थिति भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

राजस्व कर्मचारियों ने जिला अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा के नेतृत्व में प्रभारी कोतवाल को तहरीर सौंपते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने पटवारी चौकी का ताला तोड़कर सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ की तथा लंबे समय से क्षेत्रीय पटवारी पर अनुचित दबाव बना रहा था। संगठन का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह आगे की रणनीति अपनाने को बाध्य होगा।

हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में पटवारी चौकी की वास्तविक स्थिति भी कई सवाल खड़े करती है। वीडियो में भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में दिखाई दे रहा है। चौकी की कई खिड़कियां टूटी अथवा अनुपस्थित नजर आती हैं, फर्नीचर क्षतिग्रस्त है, कुर्सियां टूटी हुई हैं और महत्वपूर्ण दस्तावेज खुले में रखे होने के कारण खराब होते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मुख्य द्वार पर ताला स्पष्ट रूप से लगा हुआ भी नहीं दिखता, जिससे ताला तोड़े जाने के आरोप पर भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अभिलेख वास्तव में इस प्रकार असुरक्षित स्थिति में रखे गए हैं, तो यह स्वयं प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उनका मानना है कि जांच केवल वीडियो बनाने वाले व्यक्ति तक सीमित न रहकर पटवारी चौकी के रखरखाव, अभिलेखों की सुरक्षा और भवन की बदहाल स्थिति की भी होनी चाहिए।

प्रभारी कोतवाल लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई पटवारी चौकी की स्थिति की सत्यता और सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि तथ्य सामने आ सकें और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। Vaninews