पिथौरागढ़, 6 अगस्त 2026 !
पिथौरागढ़ के युवा संगीतकार, गायक और म्यूज़िक प्रोड्यूसर मयंक कापड़ी ने एक बार फिर जनपद और उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। विश्वविख्यात संगीतकार ए. आर. रहमान के संगीत निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पेद्दी' के चर्चित गीत "Suri's Lament" के कन्नड़ संस्करण में मयंक ने अपनी आवाज़ दी है। यह उपलब्धि न केवल उनके संगीत सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि पिथौरागढ़ के लिए भी गर्व का विषय है।
फिल्म 'पेद्दी' में विश्वप्रसिद्ध अभिनेता राम चरण मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ शिवराजकुमार, जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु शर्मा और बोमन ईरानी जैसे दिग्गज कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक बूची बाबू सना ने किया है, जिन्होंने इससे पहले चर्चित फिल्म 'उप्पेना' का निर्देशन किया था। तेलुगु में बनी यह फिल्म हिंदी, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सहित कई भाषाओं में रिलीज़ हुई है तथा इसे वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल किया जा रहा है।
गांव की पहचान की लड़ाई है 'पेद्दी'
फिल्म की कहानी केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव, पहचान और आत्मसम्मान की लड़ाई को भी बयां करती है। फिल्म में नायक पेद्दी (राम चरण) का एक प्रभावशाली संवाद है— "यह देश सिर्फ दो मौकों पर एकसाथ खड़ा होता है। पहला जंग के वक्त, दूसरा खेल के वक्त। आपको लगता है हमने खेल खेला है, हमने जंग लड़ी है।"
यह संवाद फिल्म के मूल विचार को अभिव्यक्त करता है। पेद्दी खेल के मैदान में केवल जीत हासिल करने नहीं उतरता, बल्कि अपने गांव को पहचान दिलाने की लड़ाई लड़ता है। फिल्म का संदेश स्पष्ट है कि देश की वास्तविक ताकत उसके गांवों में बसती है। इसलिए गांवों को छोड़ने के बजाय उन्हें अवसर, सम्मान और विकास से जोड़ना ही राष्ट्र निर्माण की दिशा है।
ए. आर. रहमान के साथ लगातार कर रहे हैं काम मयंक कापड़ी इससे पहले भी ए. आर. रहमान के संगीत निर्देशन में कई महत्वपूर्ण फिल्मों और प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने भारत की सबसे बड़े बजट की फिल्मों में शामिल 'कल्कि 2898 AD' में पाँच भाषाओं में दक्षिण भारत के प्रसिद्ध गायकों के साथ दो गीत गाए। इसके अलावा प्रसिद्ध संगीतकार संतोष नारायणन के साथ फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे हॉलीवुड के चर्चित प्रोजेक्ट 'एवेंजर्स' से जुड़े संगीत कार्यों में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं।
चेन्नई में रहकर बना रहे हैं नई पहचान वर्तमान में चेन्नई में रह रहे मयंक कापड़ी संगीतकार, म्यूज़िक प्रोड्यूसर, प्लेबैक सिंगर और परफ़ॉर्मर के रूप में लगातार सक्रिय हैं। दक्षिण भारतीय फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के साथ-साथ वे कई शॉर्ट फिल्मों, विज्ञापनों और स्वतंत्र संगीत परियोजनाओं के लिए भी संगीत तैयार कर रहे हैं। वर्तमान में भी उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है।
संगीत शिक्षा से भी जुड़े हैं मयंक संगीत के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ मयंक म्यूज़िक एजुकेशन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। अपने साथी संगीतकारों के साथ मिलकर वे 'ऑडियो स्कल्प्टर्स एकेडमी' का संचालन कर रहे हैं, जहां शुरुआती विद्यार्थियों को म्यूज़िक मेकिंग, कंपोज़िशन और म्यूज़िक प्रोडक्शन का प्रशिक्षण दिया जाता है। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर छोटे शहरों और पहाड़ों के युवा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच सकते हैं।
पिथौरागढ़ के लिए कुछ खास करने का सपना देश और दुनिया के बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने के बावजूद मयंक अपनी जन्मभूमि पिथौरागढ़ से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनका कहना है कि वे भविष्य में अपने संगीत और अनुभव के माध्यम से पिथौरागढ़ की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और क्षेत्र के लिए कुछ विशेष करने की इच्छा रखते हैं।
परिवार ने जताया गर्व मयंक की इस उपलब्धि पर उनके पिता जगदीश चन्द्र कापड़ी, माता श्रीमती इंद्रा कापड़ी, जो ईएवीएम प्राथमिक विद्यालय कुसौली से प्रधानाध्यापिका के पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुई हैं, तथा जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत उनकी बहन डॉ. वर्षा कापड़ी ने खुशी व्यक्त की। परिवार, मित्रों और जिलेवासियों ने मयंक की इस सफलता को पूरे पिथौरागढ़ के लिए गौरव का क्षण बताया है।
लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे मयंक कापड़ी आज पहाड़ के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो अपने सपनों को मेहनत और लगन के बल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहते हैं।
_Jagdish Kalouni


