पिथौरागढ़, 7 अक्टूबर 2026। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के प्रति कथित रूप से अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पिथौरागढ़ पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी शमशेर सिंह महर को अल्मोड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कुमौड़ निवासी शमशेर सिंह महर के विरुद्ध वादी गोपाल राम की तहरीर पर 26 सितंबर 2026 को कोतवाली पिथौरागढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर अंबेडकर संयुक्त विकास समिति के बैनर तले पिथौरागढ़ में 3 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। समिति की ओर से चेतावनी दी गई थी कि यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया जाएगा ।

वहीं, 8 अक्टूबर को भीम आर्मी की ओर से प्रस्तावित आंदोलन को लेकर भी प्रशासन और पुलिस की निगाहें टिकी थीं। ऐसे में पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी को मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रहलाद कोंडे, IPS के निर्देश पर मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक पिथौरागढ़ गोविन्द बल्लभ जोशी के पर्यवेक्षण में की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी को पुलिस एवं न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए विधिक नोटिस दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ । इसके बाद प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शमशेर सिंह महर को अल्मोड़ा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ललित डंगवाल, उपनिरीक्षक कमलेश जोशी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

पुलिस ने कहा है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, जातीय विद्वेष फैलाने अथवा किसी समुदाय के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मामलों में कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

_ मीडिया सेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पिथौरागढ़