नई दिल्ली। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर जारी एक बयान में दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश के छात्रों और युवाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए राजनीतिक औज़ार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि देश के जागरूक, परिपक्व और विवेकशील युवा ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझते हैं और वे प्रगति, विकास तथा राष्ट्रनिर्माण के मार्ग को ही चुनेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर छात्रों और युवाओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।

अपने फेसबुक पोस्ट में उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं पर "Manufactured Sense of Anger" (कृत्रिम आक्रोश) पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जनता, विशेषकर युवाओं और छात्रों को भ्रमित करने का एक असफल प्रयास है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की भावनाओं और उनकी चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि संसद का मानसून सत्र चल रहा है और सरकार हर मुद्दे पर सार्थक बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद में चर्चा करने के बजाय सड़क पर मुद्दों का समाधान तलाशने का अनुचित प्रयास कर रहा है।

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि यदि वह वास्तव में गंभीर है तो मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलने दे और संसद के भीतर सभी मुद्दों पर चर्चा करे। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनहित के मुद्दों पर बहस का सबसे उचित मंच संसद ही है।

स्रोत: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आधिकारिक फेसबुक पोस्ट।