मुवानी/थल। रामगंगा घाटी की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर मुवानी में पिछले तीन दिनों से चल रहा क्रमिक अनशन अब समाप्त हो गया है। आंदोलनकारियों ने मांगों के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलन में स्थानीय लोगों का लगातार समर्थन मिल रहा है।
रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन में क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, प्रशासनिक इकाई, लघु जलविद्युत परियोजना सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब आंदोलन को आमरण अनशन में बदलना पड़ा है।
आमरण अनशन के पहले दिन रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमल दीप सिंह अनशन पर बैठे। पूर्व सैनिक मेहर सिंह कठायत ने माल्यार्पण कर उन्हें अनशन पर बैठाया।
इस अवसर पर कमल दीप सिंह ने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाजसेवी पेरियार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भी बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रामगंगा घाटी की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से ध्यान देने तथा उनका समाधान कराने का आग्रह किया।
आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान राम सिंह राठौर, श्याम सिंह कार्की, कैप्टन श्याम सिंह कार्की, मेहर सिंह कठायत, त्रिलोक सिंह बोरा, संजय भट्ट, मुकेश बोरा, सुमित पाल, हिमांशु कुमार, गोविंद भट्ट, सचिन नेगी, मन्नू भंडारी, विक्रम कठायत, मनीष पाल, दिनेश कार्की, दिवाकर सोनार, करन ओझा, जितेश खनका, योगेश कुमार, प्रांजल पाल, प्रयाग दत्त भट्ट, सूरज गोरखा, पप्पू मारकून, बबलू कार्की, प्रेम सिंह, दानी चंद रजवार, दीपक मंगला, कमला देवी, अशोक कुमार, प्रदीप बम, हंस पाल, पुष्कर कोरंगा, किशन मंगला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: अनिल कार्की, थल


