पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिथौरागढ़ दौरे में विकास योजनाओं, सीमांत क्षेत्र की सुविधाओं, रोजगार और आगामी राजनीतिक समीकरणों की झलक एक साथ देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने जनपदवासियों को 284.07 करोड़ रुपये की लागत के 67 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 105.30 करोड़ रुपये के 33 कार्यों का लोकार्पण और 178.76 करोड़ रुपये के 34 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इसके साथ ही जनपद के विकास के लिए नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं।
लेकिन इस दौरे की चर्चा केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रही। पिथौरागढ़ से चुनाव लड़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री के बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को भी हवा दी। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ की चारों विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है और वह समस्त जनता से आशीर्वाद मांगेंगे। उन्होंने पिथौरागढ़ को अपनी जन्मभूमि बताते हुए कहा कि यहां उनका अधिकार है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का नया दौर शुरू होना स्वाभाविक है। हालांकि, पिथौरागढ़ से चुनाव लड़ने को लेकर उनकी ओर से अंतिम निर्णय की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने जनपद के लिए जिन नौ घोषणाओं की जानकारी दी, उनमें सड़क सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, उच्च शिक्षा, पेयजल और धार्मिक स्थलों से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं ।
डीडीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय बनाने और मवानी के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने की घोषणा स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त मूनाकोट के राजकीय महाविद्यालय (रियांसी) को स्वीकृति देने तथा अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना पर कार्य करने की घोषणा की गई।
सड़क सुविधाओं के अंतर्गत नैनी सैनी देवत से कनारी पाभैं तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क का सुधारीकरण व हॉटमिक्स तथा चण्डाक-छेड़ा-दिगतोली सड़क का सुधारीकरण और चौड़ीकरण शामिल है। वहीं, ज्याला मंदिर छाना पाण्डेय में सीसी मार्ग और ग्राम चिमुशी में गाड़ देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की गई।
इन योजनाओं से संबंधित क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। हालांकि, घोषणाओं का वास्तविक लाभ कार्यों की शुरुआत, बजट आवंटन और समयबद्ध निर्माण पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश यात्रा को सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती रुचि से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस बार यात्रियों की संख्या एक लाख से अधिक होने की संभावना भी जताई।
उन्होंने कहा कि होमस्टे, पर्यटन और स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। पिथौरागढ़ में हवाई संपर्क और सड़क सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किए गए हैं।
उन्होंने 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे जनपद और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तथा चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
पिथौरागढ़-बांस-आंवला घाट सड़क एवं पुल परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे पिथौरागढ़ और गंगोलीहाट के बीच आवागमन आसान होगा और हाट कालिका मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और पलायन रोकने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने भू-कानून, समान नागरिक संहिता, लखपति दीदी योजना और दंगा विरोधी कानून का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को जनभागीदारी और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मुख्यमंत्री को हस्तशिल्प से निर्मित ‘सत्यमेव जयते’ की कलाकृति और बाबा नीम करौली की तस्वीर भेंट की।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राजनीतिक दृष्टि से सबसे अधिक चर्चा उनके उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने पिथौरागढ़ की चारों विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर होने की बात कही । पिथौरागढ़ से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह समस्त जनता से आशीर्वाद मांगेंगे और पिथौरागढ़ उनकी जन्मभूमि है। उनके इस बयान को स्थानीय राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन इसे पिथौरागढ़ से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं माना जा सकता ।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री का यह दौरा स्थानीय जनता की अपेक्षाओं, विकास कार्यों की प्रगति और राजनीतिक संवाद के स्तर पर आगे क्या परिणाम लेकर आता है ।
जनसभा के बाद मुख्यमंत्री सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित सीमांत नेत्र चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया। इस उपकरण से नेत्र चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क में सुधार से गुंजी और आदि कैलाश तक पहुंचना पहले की तुलना में सुगम हुआ है। उन्होंने क्षेत्र में धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन की संभावनाओं तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।
इस दौरान विधायक फकीर राम टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, पिथौरागढ़ की मेयर कल्पना देवलाल, विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अब चर्चा केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि उनके क्रियान्वयन की भी होनी चाहिए । डीडीहाट की स्वास्थ्य सेवाएं: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय बनाने की घोषणा के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों, जरूरी उपकरणों और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था कब तक होगी ? पेयजल की समस्या: अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना से संबंधित कार्य कब शुरू होगा और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को नियमित पानी कब मिलेगा ? सड़क और आवागमन: घोषित सड़कों के सुधारीकरण एवं चौड़ीकरण का काम कब तक पूरा होगा ? क्या इससे ग्रामीण क्षेत्रों की रोजमर्रा की यात्रा वास्तव में आसान होगी ? रोजगार और पलायन: आदि कैलाश पर्यटन से बढ़ते अवसरों का लाभ स्थानीय युवाओं, छोटे कारोबारियों और होमस्टे संचालकों तक कितना पहुंच रहा है ?
घोषणाओं की जवाबदेही: क्या इन नौ घोषणाओं के लिए समयसीमा, बजट और कार्य प्रगति की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जनता परिणामों का आकलन कर सके ? 284.07 करोड़ रुपये के 67 विकास कार्यों और नौ नई घोषणाओं के साथ मुख्यमंत्री का पिथौरागढ़ दौरा विकास के कई मुद्दों को सामने लाया है। अब इन घोषणाओं के क्रियान्वयन और उनसे मिलने वाले लाभ पर नजर रहेगी।
वाणी न्यूज़ का सवाल आपसे: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पिथौरागढ़ दौरा आपके लिए कितना महत्वपूर्ण रहा? क्या आपको लगता है कि घोषित योजनाओं से जनपद की बुनियादी समस्याओं का समाधान होगा, या जनता को अभी और इंतजार करना पड़ेगा?
अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें। आपके क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या क्या है—सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा या रोजगार? आपकी आवाज भी विकास से जुड़ी चर्चा का हिस्सा बन सकती है ।


