थल, पिथौरागढ़। थल क्षेत्र की बेटी बबीता कांडपाल ने अपनी मेहनत और मजबूत हौसले से यह साबित कर दिया है कि पारिवारिक जिम्मेदारियां सपनों की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। बबीता ने देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल CSIR-NET Junior Research Fellowship (JRF) में ऑल इंडिया 58वीं रैंक हासिल कर थल क्षेत्र और पिथौरागढ़ जनपद का नाम रोशन किया है।

बबीता, रामकृष्ण कांडपाल एवं पुष्पा कांडपाल की पुत्री हैं। उन्होंने 128 अंक और 99.43 प्रतिशत के साथ यह प्रतिष्ठित सफलता हासिल की है। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने विवाह के 11 वर्ष बाद और दो बच्चों की पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए यह मुकाम हासिल किया।

बबीता की सफलता उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो गृहस्थ जीवन और पारिवारिक दायित्वों के बीच अपने शैक्षिक एवं करियर संबंधी सपनों को आगे बढ़ाना चाहती हैं। सीमित समय में नियमित अध्ययन और निरंतर मेहनत के जरिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया।

बबीता ने अपनी सफलता का श्रेय माता पुष्पा कांडपाल और पिता रामकृष्ण कांडपाल के आशीर्वाद के साथ-साथ अपने पति दीपक पाठक और पूरे परिवार के सहयोग को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और स्वयं पर विश्वास ने उन्हें लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

अब बबीता का लक्ष्य रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देना है। CSIR-NET JRF की सफलता उनके इस लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बबीता की इस उपलब्धि पर थल कस्बा के ग्राम प्रधान नवीन चंद्र पाठक, जिला पंचायत सदस्य कमल कन्याल, दिनेश चंद्र पाठक, प्रताप सिंह पंचपाल, राम सिंह जंगपांगी, भूपेंद्र सिंह पांगती, प्रवीण जंगपांगी, ललित पांगती, सलीम अहमद और संतोष वर्मा सहित क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

थल से अनिल कार्की की रिपोर्ट।