कनालीछीना, पिथौरागढ़। संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है, लेकिन कनालीछीना ब्लॉक के बस्तड़ी क्षेत्र के सिंगाली गांव और आसपास के ग्रामीण आज भी कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पूरे क्षेत्र की मोबाइल कनेक्टिविटी काफी हद तक अस्कोट में लगे टावर पर निर्भर है। इसके चलते सिंगाली और आसपास के गांवों में अक्सर नेटवर्क कमजोर रहता है या पूरी तरह गायब हो जाता है।
जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ से करीब 45 किलोमीटर दूर सिंगाली में सहकारी बैंक, इंटर कॉलेज और अस्पताल जैसी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण लोगों को इन सेवाओं से जुड़े कई कामों में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य फोन कॉल से लेकर इंटरनेट आधारित सेवाओं तक के लिए उन्हें नेटवर्क मिलने का इंतजार करना पड़ता है।
नेटवर्क की समस्या सबसे ज्यादा उस समय परेशानी खड़ी करती है जब किसी ग्रामीण को आपात स्थिति में परिवार, पड़ोसी, वाहन चालक या स्वास्थ्य सेवा से संपर्क करना हो। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार मोबाइल लेकर ऐसे स्थानों की तलाश करनी पड़ती है जहां किसी तरह सिग्नल मिल सके।
वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवाओं के सामने भी संकट ग्रामीणों का कहना है कि खराब नेटवर्क का असर अब रोजगार पर भी पड़ रहा है। कई युवा वर्क फ्रॉम होम की सुविधा के चलते गांव में रहकर काम करने के लिए वापस आए, लेकिन इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण उन्हें मजबूरन बड़े शहरों में ही रहना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गांव में बेहतर मोबाइल और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो तो युवा अपने गांव से ही काम कर सकते हैं और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान अटकने से दुकानदार भी परेशान नेटवर्क की समस्या का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक गौरव भट्ट कहते हैं, “हमारी दुकान में लोग ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो वो वहीं फंस जाती है। पेमेंट नहीं हो पाती।”
उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन नेटवर्क नहीं होने पर ग्राहक और दुकानदार दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है।
वहीं सिंगाली में मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर BSNL की ओर से प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। BSNL की सर्वे टीम के भारत सिंह ने बताया कि क्षेत्र का सर्वे फरवरी माह में ही कर लिया गया था। सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है, जिसमें सिंगाली क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाए जाने की आवश्यकता बताई गई है।
भारत सिंह के अनुसार अब रिपोर्ट के अप्रूवल का इंतजार है। अप्रूवल मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी और इसके बाद ही सिंगाली में मोबाइल टावर स्थापित किया जा सकेगा।
ग्रामीणों को जल्द समाधान की उम्मीद ग्रामीणों का कहना है कि यदि सिंगाली में BSNL का टावर स्थापित हो जाता है तो इससे केवल एक गांव को ही नहीं, बल्कि आसपास के बड़े क्षेत्र को मोबाइल नेटवर्क का लाभ मिल सकता है। इससे आपातकालीन संपर्क, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई और वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवाओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और दूरसंचार विभाग से टावर की स्वीकृति की प्रक्रिया जल्द पूरी कर सिंगाली में मोबाइल टावर स्थापित करने की कार्रवाई तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि संचार क्रांति के दौर में जिला मुख्यालय से महज करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित गांव का नेटवर्क के लिए तरसना विकास की तस्वीर पर सवाल खड़ा करता है। _ कपिल भट्ट


