रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने अपने सत्यापित फेसबुक पेज के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और 22 जुलाई को लोकतांत्रिक तरीके से JPSC कार्यालय के घेराव का आह्वान किया है।
भाजपा ने अपने पोस्ट में सवाल किया है कि परीक्षा परिणाम कथित रूप से देर रात क्यों जारी किया गया, कटऑफ अंक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए, आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना परिणाम कैसे जारी हुआ, अधिक अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थी चयन से बाहर कैसे हो गए तथा आंसर-की में बार-बार संशोधन क्यों किए गए। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया है कि उत्तर प्रदेश में पहले ब्लैकलिस्ट की जा चुकी TSR Data Processing Pvt. Ltd. को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी किस आधार पर दी गई।
भाजपा का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है तो आयोग को इन सभी सवालों के स्पष्ट जवाब देने चाहिए। पार्टी ने युवाओं, अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
इधर, परीक्षा परिणाम को लेकर कई अभ्यर्थी भी सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी जानकारी सार्वजनिक होने से उम्मीदवारों का विश्वास बना रहेगा। हालांकि, परीक्षा में अनियमितता के आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक, परिणामों में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल, JPSC की 14वीं परीक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच सभी की निगाहें आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और चल रही जांच पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ही युवाओं का विश्वास कायम रख सकती है।
स्रोत:
भाजपा झारखंड का सत्यापित फेसबुक पेज (22 जुलाई 2026 को जारी पोस्ट)
मीडिया रिपोर्ट्स: The Times of India, Navbharat Times


