पिथौरागढ़/मूनाकोट। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को स्वरोजगार और आजीविका का मजबूत माध्यम बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री राज्य पशुधन योजना का लाभ जनपद पिथौरागढ़ के मूनाकोट विकासखंड के ग्राम बुंगा मर्सोली निवासी राजेन्द्र सिंह बल्दिया पुत्र राम सिंह को मिला है। योजना के सहयोग से उन्होंने पारंपरिक पशुपालन को व्यवस्थित डेयरी व्यवसाय में बदलते हुए अपनी आय बढ़ाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं।
राजेन्द्र सिंह के पास योजना से पहले केवल 2 गायें थीं। इनका पालन मुख्य रूप से परिवार की जरूरतों के लिए किया जाता था। वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री राज्य पशुधन योजना के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा ₹6.75 लाख की परियोजना स्वीकृत की गई। योजना से मिले सहयोग के बाद उन्होंने 10 गायों की खरीद कर अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार शुरू किया।
योजना से मिली मदद के बाद राजेन्द्र सिंह ने अपने व्यवसाय को लगातार आगे बढ़ाया और वर्तमान में ‘सिद्ध बाबा डेयरी फार्म’ का संचालन कर रहे हैं। फार्म में इस समय कुल 32 गायें हैं। डेयरी से प्रतिदिन करीब 250 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है।
दूध उत्पादन के माध्यम से राजेन्द्र सिंह को प्रतिमाह करीब ₹1 लाख की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। डेयरी फार्म के संचालन से सीधे तौर पर 4 लोगों को रोजगार भी मिला है। इस तरह योजना का लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे आसपास के लोगों के लिए भी रोजगार का अवसर तैयार हुआ है।
राजेन्द्र सिंह बल्दिया ने बताया कि मुख्यमंत्री राज्य पशुधन योजना के माध्यम से उन्हें अपने छोटे स्तर के पशुपालन को बड़े व्यवसाय के रूप में विकसित करने का अवसर मिला। योजना के तहत मिले सहयोग ने डेयरी व्यवसाय को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और परिवार की आर्थिकी मजबूत हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं यदि ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें तो स्थानीय स्तर पर ही लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है। पशुपालन एवं डेयरी जैसे व्यवसाय पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण परिवारों के लिए आय का स्थायी माध्यम बन सकते हैं।
‘सिद्ध बाबा डेयरी फार्म’ की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को छोटे घरेलू व्यवसाय से एक व्यवस्थित उद्यम में बदला जा सकता है। दूध उत्पादन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
राजेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राज्य पशुधन योजना उनके लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।
डेयरी व्यवसाय के विस्तार के साथ पशुपालन को और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की संभावनाएं बनी हैं। योजना के माध्यम से ऐसे पशुपालकों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उत्पादन, स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। राजेन्द्र सिंह की सफलता अन्य ग्रामीणों के लिए भी पशुपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने की प्रेरणा बन सकती है। _ वाणी न्यूज


