गंगोलीहाट। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गंगोलीहाट की बदहाल स्थिति छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय समाजसेवकों भारत सिंह परगाई और अजय बोरा ने विद्यालय की स्थिति को लेकर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य सुमित्रा बोनाल के अनुसार, वर्ष 2018 से विद्यालय की आवश्यक मरम्मत और निर्माण कार्यों को लेकर लगातार कागजी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं हो पाया है।
बारिश के दौरान विद्यालय की स्थिति और भी खराब हो जाती है। विद्यालय की दीवारों से पानी टपकने की समस्या बनी हुई है। वहीं ऊपर के चार कमरे बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिसके चलते उन्हें बंद रखना पड़ा है। ऐसे में छात्राओं के लिए उपलब्ध सुरक्षित कक्षों और विद्यालय की समग्र व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब वर्ष 2018 से विद्यालय की समस्या अधिकारियों के संज्ञान में है, तो आखिर इतने वर्षों बाद भी स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
सवाल यह भी है— 2018 से चल रही कागजी कार्रवाई के बावजूद काम धरातल पर क्यों नहीं पहुंचा?
जर्जर चार कमरों को अब तक सुरक्षित क्यों नहीं कराया गया?
बारिश में पानी टपकने की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?
छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
क्या अब भी फाइलों में ही विद्यालय की मरम्मत होती रहेगी या जमीन पर भी काम दिखाई देगा?
स्थानीय समाजसेवक भारत सिंह परगाई और अजय बोरा, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ ने प्रशासन से विद्यालय की जर्जर स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए छात्राओं की सुरक्षा और विद्यालय की आवश्यक मरम्मत के लिए जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।
बेटियों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में अब देखना होगा कि वर्षों से फाइलों में चल रही कार्रवाई कब धरातल पर दिखाई देती है। _ VANI NEWS


