थल/पिथौरागढ़। थाना थल क्षेत्र के तड़ीगांव निवासी 93 वर्षीय शेर राम का शव 20 दिन बाद रामगंगा नदी के किनारे पीपलतड़ के पास बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान शेर राम के रूप में की है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मामले में पोस्टमार्टम सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शेर राम के पुत्र श्याम राम विश्वकर्मा ने 4 सितंबर को थाना थल में सूचना दी थी कि उनके पिता 1 सितंबर को अपराह्न करीब 3:30 बजे घर से घूमने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने अपने स्तर से काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया।
इसी दौरान 4 सितंबर को कोटाल ताल क्षेत्र में रामगंगा नदी के ऊपर गहरी खाई की झाड़ियों में शेर राम के कपड़े, लाठी और हाथ में पहनी राखी दिखाई दी। सूचना मिलने पर थाना थल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सामान बरामद किया। परिजनों ने सामान की पहचान शेर राम के रूप में की।
घटना के बाद थाना थल में गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई। अपर उपनिरीक्षक विनोद भट्ट मामले की विवेचना कर रहे थे। थानाध्यक्ष थल गणेश दत्त भट्ट के नेतृत्व में पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। हालांकि उस समय रामगंगा नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण शेर राम का पता नहीं चल सका।
सोमवार, 21 सितंबर 2026 को शेर राम का शव रामगंगा नदी के किनारे पीपलतड़ के पास बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान कर ली। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


