पिथौरागढ़। मानसून के बाद जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाए जा रहे सड़क मरम्मत एवं गड्ढा भरान कार्यों का जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति, चल रहे मरम्मत कार्य तथा गड्ढा भरान में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान पिथौरागढ़-मुनाकोट सड़क मार्ग पर गड्ढा भरान में इस्तेमाल की जा रही सामग्री निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री प्लांट से निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अनुसार तैयार होने के बाद ही मौके पर लाई जाए। उन्होंने कार्यों की नियमित गुणवत्ता जांच और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि मानसून के बाद सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए चलाए जा रहे गड्ढामुक्त सड़क अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कार्य में गुणवत्ता की कमी या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

धर्चुला रोड, पांडे बाईपास और एयरपोर्ट रोड पर भी लोगों की नजर जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण के बाद अब जिले की अन्य प्रमुख सड़कों को लेकर भी स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है। धारचूला रोड, पंडा बाईपास और एयरपोर्ट रोड की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग इसी तरह सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखें तो इन सड़कों की हालत में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर काम शुरू होना निश्चित रूप से अच्छी बात है, लेकिन असली सवाल यह है कि मरम्मत के बाद सड़क की गुणवत्ता कितने समय तक टिकती है। लोगों का कहना है कि कई बार गड्ढे भरने और पैचवर्क के बाद कुछ ही समय में सड़क दोबारा खराब हो जाती है।

वहीं ARTO रोड पर शुरू हुए कार्य को लेकर भी स्थानीय लोगों ने संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति को लेकर परेशानी बनी हुई थी और अब प्रशासन ने काम शुरू कराया है, यह अच्छी पहल है।

हालांकि स्थानीय लोगों का सीधा सवाल यही है कि काम शुरू तो हो गया है, लेकिन यह काम कितना टिकाऊ होगा? यदि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्य की निगरानी पर लगातार ध्यान दिया जाए तो इसका स्थायी लाभ लोगों को मिल सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद जिले की प्रमुख सड़कों पर हो रहे मरम्मत कार्य कितने टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण साबित होते हैं।