पिथौरागढ़। राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय टकाना में गांधी जयंती के अवसर पर “वर्तमान समय में गांधी जी की प्रासंगिकता” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. पीतांबर अवस्थी ने महात्मा गांधी के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए अहिंसा और नशामुक्ति को समाज की आवश्यकता बताया।
डॉ. अवस्थी ने कहा कि गांधी जी का “अहिंसा परमो धर्मः” का संदेश केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सभी देशों को अपनाना चाहिए। उन्होंने गांधी जी के नशाविरोधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि नशा परिवार और समाज को कमजोर करता है तथा युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि “यदि मैं एक दिन के लिए भारत का तानाशाह बन गया तो बिना मुआवजे के सभी शराब की दुकानें बंद करा दूंगा।”
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पिथौरागढ़ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती मंजू देवी ने डॉ. पीतांबर अवस्थी के लंबे समय से चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ निरंतर जनजागरूकता फैलाना और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना अपने आप में महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्य है। नशा उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. अवस्थी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
डॉ. पीतांबर अवस्थी श्रीमती हेमंती अवस्थी ‘हरूली आमा’ और पंडित जयदेव अवस्थी ज्योतिषाचार्य के सुपुत्र हैं। वे साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति अभियान से लंबे समय से जुड़े हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ में ‘ज्ञान प्रकाश संस्कृत पुस्तकालय’ की स्थापना की और विभिन्न सामाजिक विषयों पर लेखन किया है। उनकी रचनाओं में नशामुक्ति, पर्यावरण, जल संरक्षण, लोकसंस्कृति, बालिका शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषय प्रमुख रहे हैं।
उन्होंने ‘हरूली आमा’ छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने का भी प्रयास किया है। नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक दीप्ति नेगी, कविता धामी, अंकित रावत, सतीश चंद्र कापड़ी, त्रिलोचन जोशी, योगेश पांडेय, प्रकाश, महिपाल सिंह खड़ायत सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


