चम्पावत। जनपद चम्पावत में किसानों को ग्राम स्तर पर सटीक मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की महत्वाकांक्षी WINDS (Weather Information Network and Data System) परियोजना के तहत आधुनिक मौसम निगरानी प्रणाली स्थापित की जा रही है। परियोजना के माध्यम से किसानों को वास्तविक समय (Real-Time) में मौसम की जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे कृषि कार्य अधिक वैज्ञानिक और सुरक्षित बन सकेगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट ने बताया कि जनपद के चारों विकासखंडों में चार ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) स्थापित किए जाएंगे। इनकी स्थापना का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके साथ ही जनपद की सभी 314 ग्राम पंचायतों में ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) लगाए जाएंगे। वर्तमान में कई ग्राम पंचायतों में भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है, जबकि सभी ग्राम पंचायतों में भूमि चयन का कार्य अगस्त माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लागू होने से प्रत्येक क्षेत्र के मौसम का सूक्ष्म स्तर (माइक्रो लेवल) पर आकलन संभव होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में कम दूरी पर भी मौसम तेजी से बदलता है, ऐसे में ग्राम स्तर पर तापमान, वर्षा, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा जैसे आंकड़े स्वतः दर्ज होंगे। इससे किसानों को अपने क्षेत्र के अनुरूप सटीक मौसम पूर्वानुमान मिलेगा और वे बुवाई, सिंचाई, उर्वरक एवं कीटनाशक के उपयोग तथा फसल कटाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्य सही समय पर कर सकेंगे।

परियोजना प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किसी क्षेत्र विशेष में अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि या अन्य मौसमीय घटनाओं का प्रमाणिक स्थानीय डेटा उपलब्ध होने से फसल क्षति का आकलन अधिक सटीक होगा। इससे प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बन सकेगी।

उद्यान विभाग का कहना है कि WINDS परियोजना जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं वास्तविक समय की मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे बदलती जलवायु परिस्थितियों में कृषि को अधिक सुरक्षित, लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकेगा।

स्रोत: जिला सूचना कार्यालय, चम्पावत।