थल, पिथौरागढ़। पुंगराऊं घाटी के दशौली गांव में जंगली सूअरों के झुंड ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते एक सप्ताह से रात के अंधेरे में खेतों में घुस रहे जंगली सूअरों ने करीब 14 से 20 नाली क्षेत्र में बोई गई सोयाबीन और रोपाई वाले धान की खड़ी फसल को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार जंगली सूअर अपने थूथन से खेतों को खोदकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई खेतों में खड़ी फसल उजड़ने के साथ जमीन भी जगह-जगह खोदकर रोखड़ में तब्दील हो गई है। इससे किसानों की महीनों की मेहनत और फसल तैयार करने में किया गया खर्च दोनों प्रभावित हुए हैं।
जंगली सूअरों के झुंड ने भाष्करानंद पाठक, कंचन पाठक, हरिशंकर पाठक, भुवन पाठक, मोहन पाठक, कपिल पाठक, दीप पाठक, केवलानंद पाठक, मनोज पाठक, शेखर पाठक, दिनेश पाठक, राकेश पाठक और महेश पाठक के खेतों में खड़ी सोयाबीन और धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
किसानों का कहना है कि यदि जंगली सूअरों के झुंड पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो बची हुई फसल भी सुरक्षित नहीं रह पाएगी। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त फसलों का मौके पर आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
इसके साथ ही किसानों ने बची हुई खड़ी फसल की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि उनकी शेष मेहनत भी जंगली जानवरों की भेंट न चढ़े।
रिपोर्ट: अनिल कार्की, थल


