पिथौरागढ़। जनपद के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल ने धारचूला क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, कार्मिकों की उपस्थिति और अस्पतालों की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीएमओ ने सबसे पहले अस्कोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और कार्मिकों की उपस्थिति की जानकारी ली। लंबे समय से अनुपस्थित मिले एक कार्मिक पर नाराजगी जताते हुए संबंधित को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात कार्मिकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो, ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को परेशानी न हो।
इसके बाद उन्होंने जौलजीबी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुंज्याल से संसाधनों, स्टाफ और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए सीएमओ ने जौलजीबी पीएचसी को डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा मजबूत करना जरूरी है। डिलीवरी सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों को समय रहते प्रशिक्षण देने तथा मानव संसाधन, उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद सीएमओ ने उप जिला चिकित्सालय धारचूला का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों और जांच व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उनके सुझाव भी सुने।
अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर रखने तथा बायो मेडिकल वेस्ट का निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संक्रमण नियंत्रण के लिए अस्पताल में स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण है। वार्डों में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन बेडशीट बदलने के निर्देश भी दिए।
सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमांत क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
जौलजीबी पीएचसी को डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित करने की पहल को क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जौलजीबी सहित आसपास के ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भ्रमण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु पाण्डेय तथा पंकज पाण्डेय भी मौजूद रहे।
वाणी न्यूज


