पिथौरागढ़। जिलाधिकारी की ओर से जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने और खराब मौसम का बहाना बनाकर जिम्मेदारियों से बचने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई इस जानकारी के बाद पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। इन कमेंट्स में लोगों ने प्रशासन के निर्देशों के बावजूद सड़कों की जमीनी स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
डीआईपीआर की पोस्ट के अनुसार जिलाधिकारी ने एनएच, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़कों की नियमित मरम्मत और गड्ढामुक्ति के निर्देश दिए हैं। साथ ही बारिश के कारण बंद होने वाले मार्गों को तत्काल खोलने और यातायात सुचारू रखने के लिए पर्याप्त संसाधनों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों की लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात भी कही गई है।
लेकिन पोस्ट के कमेंट सेक्शन में सामने आई प्रतिक्रियाएं जमीनी स्थिति की दूसरी तस्वीर पेश कर रही हैं। एक यूजर ने बीआरओ गेट और एनएच रोड का उल्लेख करते हुए सड़क की स्थिति पर सवाल उठाया।
एक अन्य कमेंट में लिखा गया कि "जब शहर की रोड की यह हाल हैं तो जो रोड गांव को जोड़ रही है उनके क्या हाल होंगे"। कमेंट करने वाले ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी रोज कैंप कार्यालय से कार्यालय आते-जाते हैं और उन्हें सड़कों की स्थिति दिखाई देती होगी।
वहीं एक यूजर ने जीआईसी गेट से महादेव धारा जाने वाली सड़क की स्थिति देखने का आग्रह किया। कमेंट में पिथौरागढ़-जवाहर नवोदय विद्यालय मर्सोलीभाट मार्ग और पिथौरागढ़ से बेस अस्पताल जाने वाली सड़क समेत लोक निर्माण विभाग की अन्य सड़कों की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर सवाल, अब जमीन पर कार्रवाई का इंतजार डीआईपीआर की पोस्ट के बाद आए कमेंट्स ने प्रशासन के सामने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि निर्देशों के बाद क्या वास्तव में सड़कों की स्थिति बदलेगी? खासकर बारिश के मौसम में जब सड़कों पर गड्ढे, मलबा और क्षतिग्रस्त हिस्से आम लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बन रहे हैं, ऐसे में विभागीय कार्रवाई कितनी तेजी से होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद लोगों की नजर सिर्फ आदेश पर नहीं, बल्कि सड़कों पर दिखाई देने वाली कार्रवाई पर टिकी है। _कपिल भट्ट वाणी न्यूज


