धारचूला I पिथौरागढ़ I सीमांत क्षेत्र की ग्रामसभा रांथी में सड़क सुविधा होने के बावजूद ग्रामीणों को बरसात के मौसम में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के तपोवन क्षेत्र से जुड़ने वाली करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क रांथी चक्की तक पहुंचती है, लेकिन तांथर नामक स्थान पर पड़ने वाला बड़ा गदेरा बारिश के दौरान पूरी कनेक्टिविटी के लिए खतरा बन जाता है।
लगातार बारिश के दौरान गदेरा उफान पर आने से तेज पानी के साथ ऊपर से बोल्डर और मलबा सड़क पर आ जाता है। इससे कई बार वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। पैदल राहगीरों के लिए भी इस दौरान गदेरा पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
सड़क है, लेकिन बरसात में कनेक्टिविटी पर संकट स्थानीय लोगों के अनुसार तांथर गदेरे पर अब तक स्थायी पुल की व्यवस्था नहीं हो पाई है। हर साल मानसून में यही समस्या दोहराई जाती है। बारिश बढ़ते ही ग्रामीणों को आवागमन के लिए खतरे के बीच रास्ता तय करना पड़ता है।
रांथी और आसपास के गांवों के लिए यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, बाजार और रोजमर्रा की आवश्यकताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। किसी मरीज को अस्पताल ले जाने से लेकर बच्चों के स्कूल जाने और जरूरी सामान की आवाजाही तक बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का सवाल—आखिर कब बनेगा पुल?
स्थानीय लोगों का कहना है कि तांथर गदेरे की समस्या नई नहीं है। बरसात आते ही प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने यह समस्या सामने आती है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था से हर साल समस्या का समाधान नहीं हो सकता। तांथर गदेरे पर मजबूत और सुरक्षित पुल का निर्माण ही इसका स्थायी समाधान है।
स्थलीय निरीक्षण और स्थायी समाधान की मांग ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से तांथर गदेरे का स्थलीय निरीक्षण कराकर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने के बावजूद यदि बरसात में एक गदेरा पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बाधित कर दे तो सड़क सुविधा का पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाता।
अब स्थानीय लोगों की नजर शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर है। सवाल यही है कि तांथर गदेरे पर स्थायी पुल का निर्माण आखिर कब होगा और रांथी क्षेत्र के लोगों को बरसात के इस खतरे से कब स्थायी राहत मिलेगी?
वाणी न्यूज़ की अपील: तांथर गदेरे की समस्या को केवल मौसमी परेशानी न मानकर क्षेत्र की स्थायी आधारभूत जरूरत के रूप में देखा जाए और सुरक्षित पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जाए। _ REPORT MOHAN DHAMI : RANTHI


