देहरादून में UKD का प्रदर्शन: 'अघोषित डिजिटल इमरजेंसी' का आरोप, साइबर पुलिस स्टेशन का घेराव
"सोशल मीडिया पोस्टों पर कार्रवाई को लेकर UKD का विरोध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और साइबर कानूनों के उपयोग पर उठाए सवाल।"

देहरादून, 5 जुलाई। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने रविवार को देहरादून स्थित साइबर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर राज्य में कथित "अघोषित डिजिटल इमरजेंसी" लागू होने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और साइबर पुलिस पर सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर कार्रवाई कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान UKD कार्यकर्ताओं ने "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करो", "डिजिटल इमरजेंसी बंद करो" और "लोकतंत्र बचाओ" जैसे नारे लगाए। पार्टी नेताओं का कहना था कि सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वाले नागरिकों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई का माहौल बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। UKD नेताओं ने मांग की कि सोशल मीडिया से जुड़े मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए तथा अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि कानून का उपयोग केवल वास्तविक साइबर अपराधों तक सीमित रहना चाहिए, न कि असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन के दौरान किसी बड़े टकराव, लाठीचार्ज या व्यापक गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड साइबर पुलिस लगातार ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी सोशल मीडिया गतिविधियों, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई करती रही है तथा नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करती है। फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार की ओर से UKD के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर आगे की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।.
