पिथौरागढ़। भारतीय सेना और मंगोलियाई सेना के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट-18’ का पिथौरागढ़ में सफलतापूर्वक समापन हो गया। 20 सितंबर से आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सैन्य समझ, मित्रता और सहयोग को और मजबूत करना रहा।

अभ्यास के दौरान भारत और मंगोलिया के सैनिकों ने एक-दूसरे के साथ संयुक्त प्रशिक्षण लिया तथा विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में समन्वय के साथ कार्य करने का अभ्यास किया। सैनिकों ने अपने-अपने परिचालन अनुभव और बेहतर कार्य-पद्धतियां साझा कीं, जिससे दोनों सेनाओं के बीच पारस्परिक समझ को बढ़ावा मिला।

तीन चरणों में हुआ प्रशिक्षण ‘नोमैडिक एलिफेंट’ के 18वें संस्करण को तीन चरणों में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों के सैन्य दलों ने संयुक्त रूप से विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय, संचार और परिचालन क्षमता विकसित करना था।

संयुक्त अभ्यास से दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और सैन्य प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक परिचालन परिस्थितियों से जुड़े अभ्यासों के माध्यम से सैनिकों के बीच आपसी विश्वास और टीमवर्क को मजबूत किया गया।

भारत-मंगोलिया रक्षा संबंधों में अहम कड़ी ‘नोमैडिक एलिफेंट’ भारत और मंगोलिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

भारत और मंगोलिया के बीच यह सैन्य सहयोग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और रक्षा संबंधों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पिथौरागढ़ में अभ्यास के समापन के साथ दोनों देशों के सैन्य दल अपने-अपने अनुभव लेकर लौटे। अभ्यास ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत और मंगोलिया के बीच सैन्य सहयोग आपसी विश्वास, मित्रता और साझा प्रतिबद्धताओं पर आधारित है।