पिथौरागढ़। शहर और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का बढ़ता आतंक अब आम लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
ताज़ा घटना में रई निवासी बी. डी. भट्ट अपने घर की छत पर बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक एक बंदर उनके सिर पर कूद पड़ा। बंदर के नाखून लगने से उनके सिर में कई जगह चोट आई और खून बहने लगा। परिजनों ने तत्काल प्राथमिक उपचार कराया और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक उपचार शुरू कराया। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई वरिष्ठ नागरिक अब अपने ही घर की छत, आंगन या बाहर बैठने से भी डरने लगे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, वन विभाग और राज्य सरकार से मांग की है कि बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें बंदरों की संख्या का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए।
वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए।
आक्रामक बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
लोगों को बंदरों को भोजन न देने के प्रति जागरूक किया जाए।
वरिष्ठ नागरिकों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
सबसे बड़ा सवाल...क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करेगा, या बढ़ते बंदर आतंक पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर लोगों को राहत दिलाएगा ? #vaninews


