पिथौरागढ़। ‘नादभेद गंधर्वालय संगीत अकादमी’ की ओर से आयोजित संगीत बैठक में बच्चों और नए सीखने वाले कलाकारों को मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संगीत सीखने की प्रक्रिया के साथ-साथ मंचीय प्रस्तुति की बारीकियों से परिचित कराना रहा।

संगीत बैठक में छोटे बच्चों से लेकर बड़े और नवोदित कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने गायन, हारमोनियम तथा तबला वादन के माध्यम से अपनी सीखी हुई कला का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा के साथ मंच पर आत्मविश्वास और अनुशासन का भी परिचय दिया।

आयोजकों ने बताया कि एक कलाकार के लिए केवल संगीत की शिक्षा प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित रिहर्सल, अनुशासन, आत्मविश्वास और साथियों के साथ बेहतर सामंजस्य भी कला को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से बच्चों को कक्षा से बाहर मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

संगीत बैठक के माध्यम से बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि वे जो कुछ सीख रहे हैं, उसे केवल कक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि उसका निरंतर अभ्यास करें और मंच पर प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास विकसित करें।

अकादमी की इस पहल का उद्देश्य बच्चों में संगीत के प्रति रुचि और लगाव बढ़ाने के साथ ही उन्हें भविष्य के मंचों के लिए तैयार करना है।

“संगीत सीखना एक साधना है, और उसकी सुंदर प्रस्तुति उस साधना का विस्तार है।”