पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र में आदि कैलाश के दर्शन की यात्रा एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गई। मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी 26 वर्षीय तिलक शर्मा की यात्रा के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गुरुवार को दोस्तों के साथ आदि कैलाश के दर्शन करने पहुंचे तिलक को शुक्रवार को सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। उन्हें तत्काल गुंजी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस यात्रा सीजन में अब तक तीन यात्रियों की जान जा चुकी है।

मृतक की पहचान तिलक शर्मा पुत्र मनोज शर्मा, निवासी 24 शटर गली, नगर निगम रोड के निकट, इंदौर (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार, थाना गुंजी से यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे शव वाहन से धारचूला लाया गया, जहां उसे उप जिला चिकित्सालय में रखा गया।

कोतवाल एके सिंह ने बताया कि पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुंज्याल ने स्पष्ट किया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है।

तिलक के साथ यात्रा पर आए उनके मित्र प्रतीक शर्मा ने बताया कि सात दोस्तों का दल गुरुवार को आदि कैलाश के दर्शन कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान शाम को तिलक को सांस लेने में परेशानी होने लगी। ऑक्सीजन की कमी महसूस होने पर साथियों ने अपने पास मौजूद ऑक्सीजन किट से उन्हें ऑक्सीजन दी, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए गुंजी अस्पताल ले जाया गया।

तिलक की मौत की खबर से उनके परिवार और परिचितों में शोक है। मित्र प्रतीक के अनुसार, तिलक अपने पिता के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर के लिए चांदी की श्रृंगार सामग्री बेचने का व्यवसाय करते थे। वह परिवार के इकलौते बेटे थे और अगले वर्ष उनकी शादी तय होनी थी।

दोस्तों का यह सफर धार्मिक स्थलों के दर्शन और पर्यटन के उद्देश्य से शुरू हुआ था। दल ने पहले नीम करौली बाबा, जागेश्वर और मुक्तेश्वर धाम के दर्शन किए, इसके बाद नैनीताल घूमने के पश्चात आदि कैलाश की यात्रा पर पहुंचा था।

इन दिनों व्यास और दारमा घाटियों में मौसम काफी ठंडा है। पहाड़ों की चोटियों पर बर्फबारी और ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। ऐसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सांस संबंधी परेशानी और ऑक्सीजन की कमी को गंभीरता से लेना जरूरी है। तिलक की मौत ने एक बार फिर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की अहमियत को सामने ला दिया है।

स्रोत : मीडिया सेल पुलिस एवं मीडिया रेपोर्ट्स