पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र स्थित कनार गांव में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर बढ़ गया है। आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बरम–कनार 17 किलोमीटर मोटर मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी न होने से नाराज ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि 10 नवंबर 2026 तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
1,500 ग्रामीणों और 250 परिवारों की जिंदगी सड़क के इंतजार में ग्रामीणों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, कनार गांव में लगभग 1,500 ग्रामीण और 250 परिवार सड़क सुविधा के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे हैं। गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को करीब 16 से 20 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
बरसात, खराब मौसम और आपातकालीन परिस्थितियों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने के लिए भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पहले भी उठी सड़क निर्माण की मांग, धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं ग्रामीण कनार गांव को सड़क से जोड़ने की मांग लंबे समय से उठती रही है। ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई है। मार्च 2026 में भी ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर पिथौरागढ़ पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
अक्टूबर 2026 में भी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बरम–कनार मोटर मार्ग की डीपीआर प्रक्रिया जल्द पूरी करने और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की थी। ग्रामीणों ने पूर्व में आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।
प्रशासन ने डीपीआर फाइनल करने के दिए थे निर्देश बरम–कनार मोटर मार्ग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी पहल की खबर सामने आई थी। अगस्त 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सड़क की डीपीआर अंतिम रूप देने और धरातल पर काम शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक उन्हें ऐसी ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी है, जिससे सड़क निर्माण की उम्मीद धरातल पर उतरती नजर आए।
ग्रामीणों की मांग है कि डीपीआर की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए और निर्माण कार्य के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। वन भूमि संबंधी स्वीकृतियों और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि परियोजना आगे बढ़ सके।
10 नवंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी जिलाधिकारी को दिए गए ताजा ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन से बरम–कनार मोटर मार्ग की डीपीआर प्रक्रिया तत्काल पूरी कर निर्माण की दिशा में समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर 10 नवंबर 2026 से जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
ज्ञापन की प्रतियां संबंधित पीएमजीएसवाई विभाग, वन विभाग, एलआईयू और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई हैं।
ग्रामीणों का सवाल—आखिर कब तक जोखिम में रहेगी जिंदगी?
कनार के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मांग केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और जीवन के अधिकार से जुड़ा प्रश्न है। जब किसी मरीज को उपचार के लिए कई किलोमीटर तक डोली में ले जाना पड़े, तो विकास के दावों के बीच गांव की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन 10 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन से पहले डीपीआर की प्रक्रिया पूरी करने और सड़क निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। कनार के ग्रामीणों को आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध कार्रवाई का इंतजार है।
स्रोत: ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन तथा बरम–कनार मोटर मार्ग को लेकर पूर्व में प्रकाशित समाचार रिपोर्टें।


