पिथौरागढ़। कपिल भट्ट, वाणी न्यूज। जिला उद्योग मित्र की बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्राप्त आवेदनों तथा उद्यमियों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्राप्त सभी आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को किसी भी कार्य के लिए अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें।

बैठक में मिनी औद्योगिक आस्थान बिण में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। उद्यमियों ने फायर एनओसी और जलापूर्ति सहित विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी उद्यमी को अनावश्यक रूप से सुविधाओं से वंचित न रखा जाए और नियमों के दायरे में रहते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।

इसके बाद जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक भी आयोजित हुई। इसमें उत्तराखंड निर्यात प्रोत्साहन नीति के विभिन्न प्राविधानों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नीति के अनुरूप जनपद में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनपद से निर्यात की संभावनाओं वाले उत्पादों की पैदावार, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। विशेष रूप से औषधीय एवं सगंध फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ जनपद की आर्थिकी को भी मजबूत कर सकती है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिथौरागढ़ की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल फसलों का चिन्हीकरण कर उनके उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को लेकर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कविता भगत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे।