पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ विकास और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिल रही है। ऑल वेदर रोड के निर्माण के बाद मैदानी क्षेत्रों से पिथौरागढ़ की कनेक्टिविटी पहले की अपेक्षा अधिक सुगम हुई है। इसका असर स्थानीय व्यापार, रोजगार, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों की आवाजाही पर भी दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। सड़क संपर्क में सुधार को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ऑल वेदर रोड से पहले मैदानी क्षेत्रों से पिथौरागढ़ पहुंचने में कई बार 8 से 10 घंटे तक का समय लग जाता था। सड़क संपर्क में सुधार के बाद यह सफर कई मार्गों पर घटकर लगभग 3 से 4 घंटे तक रह गया है। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिली है।

पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच सड़क सुविधा बेहतर होने का सीधा असर पिथौरागढ़ के पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक स्थलों के कारण पिथौरागढ़ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। अब बेहतर कनेक्टिविटी के चलते पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना पहले की तुलना में आसान हुआ है।

विशेष रूप से आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को सड़क संपर्क में सुधार का लाभ मिल रहा है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सीमांत क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय स्तर पर होम-स्टे, होटल, ढाबे, परिवहन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के अवसर बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

सीमांत क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी बनी विकास की आधारशिला ऑल वेदर रोड को केवल आवागमन की सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से जहां आम लोगों को आवाजाही में सुविधा मिल रही है, वहीं पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए भी नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।

पिथौरागढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सड़क कनेक्टिविटी का महत्व और भी बढ़ जाता है। आने वाले समय में सड़क, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ सीमांत जनपद में विकास की गति और तेज होने की उम्मीद है।