पिथौरागढ़। एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि पात्र वरिष्ठ नागरिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिले, वहीं पिथौरागढ़ जनपद के ग्राम बस्तड़ी की एक बुजुर्ग महिला ने पिछले चार माह से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की पीड़ा साझा की है।
बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह घर पर अकेली रहती हैं और उनका जीवन-यापन मुख्य रूप से सरकार द्वारा मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर है। उनका कहना है कि एक महीने तक तो किसी तरह उधार लेकर गुजारा हो जाता है, लेकिन लगातार कई महीनों तक पेंशन नहीं मिलने से उधार मिलना भी बंद हो जाता है। ऐसे में दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना बेहद मुश्किल हो गया है।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी, पिथौरागढ़ श्री दिलीप कुमार से दूरभाष पर जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन का बजट राज्य एवं केंद्र सरकार से प्राप्त होता है। वर्तमान में नए पोर्टल के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसके कारण यह समस्या केवल पिथौरागढ़ तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में सामने आई थी।
उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से सभी लंबित बिल तैयार कर बैंक को भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब यह तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्या सुलझ चुकी है तथा अगले 10 से 15 दिनों के भीतर पात्र लाभार्थियों के खातों में लंबित वृद्धावस्था पेंशन जारी कर दी जाएगी।
हालांकि, जिन बुजुर्गों की आजीविका का प्रमुख सहारा वृद्धावस्था पेंशन है, उनके लिए चार माह तक भुगतान न होना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। अब लाभार्थियों को उम्मीद है कि विभाग के आश्वासन के अनुरूप शीघ्र ही उनके खातों में पेंशन की राशि पहुंच जाएगी। vaninews


