पिथौरागढ़, 26 अक्टूबर। नगर की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान और सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ के पार्थ बारात घर में जागरूक नागरिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की समस्याओं पर गंभीर मंथन के बाद नागरिक समूह ‘सरल बात’ का गठन किया गया। समूह का उद्देश्य शांतिपूर्ण संवाद, सकारात्मक सोच और गांधीवादी मूल्यों के आधार पर नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना है।
बैठक में शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, आवारा कुत्तों के आतंक, युवाओं में नशाखोरी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय नागरिक समुदाय को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सड़क सुरक्षा के मानक तय करने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस दिशा में प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने पर सहमति बनी।
वहीं, शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों से नागरिकों के घायल होने की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस समस्या के समाधान की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए।
इसके अलावा युवाओं में बढ़ती नशाखोरी को सामाजिक चिंता का विषय बताते हुए जागरूकता और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से इस दिशा में काम करने की जरूरत बताई गई।
‘सरल बात’ समूह में भूपेश सिंह बोरा, चंद्रप्रकाश पुनेड़ा और प्रकाश चंद्र पुनेठा को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई। मीडिया प्रबंधन के लिए योगेंद्र चंद और मनोज मखौलिया को शामिल किया गया, जबकि वित्तीय कार्यों का दायित्व उमेश तिवारी को सौंपा गया।
कानूनी मामलों के लिए एडवोकेट एस.एस. महर, एडवोकेट आलोक चौधरी और एडवोकेट मुक्तेश कार्की को शामिल किया गया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में श्रीमती उषा पंत, एडवोकेट अंजुम आरा और श्रीमती भागीरथी अलमिया को जिम्मेदारी दी गई।
बैठक में विनोद कार्की, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, लक्ष्मण सिंह खाती, धर्मानंद जोशी, दिनेश चंद्र भट्ट, किशन सिंह मेहरा, मुकुल कन्याल, आशुतोष पंत, विजेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र जोशी, जगदीश कलौनी, श्रीमती कमला रावत, भागीरथी बिष्ट, हेमा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
समूह के सदस्यों ने तय किया कि सड़क सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, युवाओं में बढ़ती नशाखोरी, सांस्कृतिक एवं भौतिक प्रदूषण तथा शुद्ध पेयजल जैसे मुद्दों पर चरणबद्ध तरीके से जागरूकता अभियान और चर्चा आयोजित की जाएगी।
समूह का प्रयास रहेगा कि शांतिपूर्ण संवाद, सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग के माध्यम से समस्याओं को संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए।
बैठक के अंत में ‘सरल बात’ परिवार ने जागरूक एवं संवेदनशील नागरिकों से समूह से जुड़ने और सामाजिक सरोकारों के लिए अपना योगदान देने की अपील की। सदस्यों ने विश्वास जताया कि नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से शहर की समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल की जा सकती है।


