पिथौरागढ़। डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा आयोजित दो दिवसीय Outreach Training Programme का शुभारंभ सोमवार को विकास भवन सभागार, पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) एवं सेवा का अधिकार अधिनियम (Right to Service Act) के महत्वपूर्ण प्रावधानों, प्रक्रियाओं और व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कार्मिकों को दोनों अधिनियमों की व्यवहारिक एवं गहन समझ प्रदान करते हुए शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही, सूचना की उपलब्धता तथा नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक हितैषी बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आरटीआई आवेदनों के निस्तारण, सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, लोक सूचना अधिकारियों की भूमिका, निर्धारित समयसीमा तथा अधिनियम के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई। वहीं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समयसीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने, संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों की जिम्मेदारियों तथा सेवा प्रदान करने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

नागरिक हित को केंद्र में रखकर कार्य करें अधिकारी जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने अधिकारियों एवं कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में अधिकारियों एवं कार्मिकों को अपने कार्यों के प्रति प्रोएक्टिव रहते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही आज की आवश्यकता है। उपलब्ध सूचनाओं एवं तकनीक का बेहतर उपयोग कर आमजन को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाना चाहिए। अधिकारियों का दृष्टिकोण सिटिजन-फ्रेंडली होना चाहिए और आम आदमी तथा जनकल्याण को केंद्र में रखकर कार्य किया जाना चाहिए।

डीएम ने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अधिकारी एवं कार्मिक अपने दैनिक कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करेंगे। प्रशिक्षण केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रहे, बल्कि उसका परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। प्रत्येक प्रशिक्षण आउटपुट ओरिएंटेड अर्थात परिणाम-उन्मुख होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि सूचना का अधिकार एवं सेवा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को केवल कानूनी दायित्व के रूप में न लेकर सुशासन, पारदर्शिता एवं जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाएं। नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

प्रशिक्षण में बेहतर जनसंवाद पर भी जोर इस अवसर पर एटीआई नैनीताल से पहुंचीं असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू पांडेय ने जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कार्मिकों को जनसामान्य से बेहतर संवाद स्थापित करने, योजनाओं एवं सेवाओं की प्रभावी जानकारी पहुंचाने तथा शासन की नीतियों को आमजन तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों को अपने कार्यक्षेत्र में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, परियोजना निदेशक डीआरडीए आशीष पुनेठा, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा सहित विकास भवन स्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

18 अगस्त को Pay Fixation और Promotion पर प्रशिक्षण दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस 18 अगस्त 2026 को अधिकारियों एवं कार्मिकों को Pay Fixation, Promotion एवं Selection Pay Scale से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। _ Kapil vaninews