उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में शनिवार सुबह शिक्षा जगत को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की विद्यालय जाते समय धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक, आक्रोश और भय का माहौल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुलिस ने मामले में विद्यालय के एक लिपिक (बाबू) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग 7:20 बजे दयानंद टम्टा रोज की तरह विद्यालय के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से पैदल विद्यालय की ओर जाते समय पहले से घात लगाए बैठे आरोपी ने उन पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। पहला वार पीठ पर किया गया और उसके बाद सीने पर कई वार किए गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और सहकर्मी उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर फैलते ही विद्यालय, शिक्षा विभाग और पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार हत्या के आरोप में विद्यालय के एक लिपिक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस हत्या के पीछे के कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वारदात के पीछे व्यक्तिगत विवाद, कार्यस्थल का तनाव या कोई अन्य वजह थी। इस संबंध में पुलिस ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

इस हत्याकांड के बाद शिक्षक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।