देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, रानीखेत के पूर्व विधायक एवं पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में राज्य सरकार पर निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़े निर्माण घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों में बार-बार भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
करण माहरा ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार के मामले में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली परियोजनाएं कुछ ही समय में जवाब दे रही हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने देहरादून में लगभग ₹16 करोड़ की लागत से बने पुल की एप्रोच रोड के कुछ ही दिनों में धंसने तथा ₹52 करोड़ की लागत से निर्मित सौंग डैम सड़क के बदहाल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य नहीं मिल रहे हैं।
माहरा ने आरोप लगाया कि जब भी प्रदेश में किसी बड़े निर्माण घोटाले या भ्रष्टाचार की परतें खुलती हैं, तो उसका संबंध भाजपा से जुड़े लोगों तक पहुंचता दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में यदि भाजपा से जुड़े लोगों की कंपनियों या व्यक्तियों की भूमिका है, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अपने वीडियो संदेश में उन्होंने यह भी दावा किया कि नंदा की चौकी पुल से जुड़े विवादित मामले में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के पति अरविंद भट्ट का नाम सामने आ रहा है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई की जाए।
करण माहरा ने सरकार से सवाल किया कि क्या निर्माण कार्यों में हुई कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी या राजनीतिक संरक्षण के चलते उन्हें बचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता यह जानना चाहती है कि विकास के नाम पर जनता के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है और सरकार इस पर क्या कार्रवाई करेगी।
स्रोत: करण माहरा द्वारा सोशल मीडिया (फेसबुक) पर जारी वीडियो बयान।


