पिथौरागढ़ में श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति की ओर से आयोजित आठूँ मेला 2026 के चौथे दिन रिमझिम बारिश के बावजूद मेले में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। खराब मौसम भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सका और देर शाम तक मेला क्षेत्र में चहल-पहल बनी रही। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक परंपराओं और खेल प्रतियोगिताओं ने मेले को खास बना दिया।
चौथे दिन का प्रमुख आकर्षण मानस स्कूल की हिलजात्रा प्रस्तुति रही। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हिलजात्रा के विभिन्न पात्रों और लोक परंपराओं को जीवंत अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।
मानस एकेडमी के संगीत अध्यापक गिरीश पुजारा ‘गिरदा पहाड़ी’ के निर्देशन में बच्चों ने अपनी प्रतिभा को मंच पर बखूबी प्रदर्शित किया। विद्यालयी बच्चों का इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभाग करना अपने आप में सराहनीय है। इससे बच्चों में अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के प्रति समझ और जुड़ाव बढ़ता है। आठूँ मेले जैसे आयोजनों का मूल उद्देश्य भी स्थानीय परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उन्हें जीवंत बनाए रखना है।
मेले में झोड़ा चाचरी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति के व्यवस्थापक दीपक गुप्ता ने बताया कि अगले दिन सतगढ़ ग्राम की हिलजात्रा और महाकाली का मंचन होगा। इसके बाद 25 अगस्त तक विद्यालयी झोड़ा-चांचरी से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त को गौरा-महेश की विदाई के साथ आठूँ महोत्सव का समापन होगा।
समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह महरा की सोच वर्ष 2009 में इस प्रकार के आयोजन को आगे बढ़ाने के रूप में सामने आई थी। इसके बाद पिथौरागढ़ के संस्कृति प्रेमियों के सहयोग से यह कारवां लगातार आगे बढ़ता गया। आज आठूँ मेला एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन का रूप ले चुका है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
चौथे दिन बारिश के बीच उमड़ी भीड़ और मानस स्कूल के बच्चों की हिलजात्रा ने यह संदेश भी दिया कि लोक संस्कृति तभी जीवंत रह सकती है, जब नई पीढ़ी उससे जुड़े और उसे अपने हुनर के माध्यम से आगे बढ़ाए। आठूँ मेला मनोरंजन के साथ-साथ पिथौरागढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
कपिल भट्ट | वाणी न्यूज़


