नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने, जमाखोरी पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1 अगस्त 2026 से चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा (Stock Limit) लागू करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

सरकार के अनुसार हाल के दिनों में चीनी के एक्स-मिल (मिल से बिक्री) मूल्य में हुई वृद्धि वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति के अनुरूप नहीं है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ व्यापारियों, डीलरों और बाजार के मध्यस्थों द्वारा जमाखोरी, सट्टा कारोबार तथा चीनी की वास्तविक आपूर्ति के बिना केवल कागजी लेनदेन किए जाने से बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बना। इसके चलते एक्स-मिल और खुदरा दोनों स्तरों पर चीनी की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी देखने को मिली।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

नए आदेश के तहत सभी चीनी व्यापारियों को अपने पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की घोषणा करना अनिवार्य होगा। साथ ही उन्हें खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक सप्ताह अपने स्टॉक की स्थिति अपडेट करनी होगी।

सरकार ने कहा है कि विभाग लगातार चीनी बाजार की निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा उचित कीमतों पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।