पिथौरागढ़। पाताल भुवनेश्वर–दौला वलिया से रावलखेत मोटर मार्ग को लेकर एक शिकायत पत्र इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्राम रावलखेत निवासी शंकर सिंह खाती ने कुमाऊँ आयुक्त को पत्र भेजकर सड़क निर्माण में कथित अनियमितता और आपदा मद से मिले धन के दुरुपयोग की जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोटर मार्ग वर्ष 2021-22 से ही जीर्ण अवस्था में है। पत्र में दावा किया गया है कि आपदा मद से सड़क के लिए स्वीकृत धनराशि का पूरा उपयोग धरातल पर नहीं हुआ और मौके पर किए गए कार्य की स्थिति को देखते हुए करीब 30 से 35 लाख रुपये से अधिक का काम दिखाई नहीं देता।
शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि सड़क निर्माण के बाद संबंधित ठेकेदार के पास पांच वर्ष का मेंटेनेंस अनुबंध है, जो वर्ष 2026 तक बताया गया है। इसके बावजूद सड़क पर नाम मात्र का अनुरक्षण कार्य होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार सड़क पर कई जगह पैरापिट और नालियों का निर्माण भी अधूरा है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़क निर्माण और आपदा मद में खर्च हुई धनराशि का वास्तविक हिसाब क्या है?
क्या स्वीकृत बजट के अनुरूप पूरा काम धरातल पर हुआ?
क्या पांच वर्ष के मेंटेनेंस अनुबंध की शर्तों का पालन किया जा रहा है?
और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं। यदि कुमाऊँ आयुक्त स्तर से मामले की जांच होती है तो सड़क की वास्तविक स्थिति, स्वीकृत धनराशि, किए गए कार्य और मेंटेनेंस अनुबंध की शर्तों की तस्वीर साफ हो सकती है।


