पिथौरागढ़। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जनपद पिथौरागढ़ में गुरुवार को राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक अभ्यास (Mock Exercise) का सफल आयोजन किया गया। अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण करना था।
मुनस्यारी के धापा गांव में बोल्डर गिरने का अभ्यास मुनस्यारी तहसील के ग्राम धापा में बोल्डर गिरने की काल्पनिक घटना पर मॉक ड्रिल की गई। परिदृश्य के अनुसार एक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त, दो मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त तथा एक गौशाला को नुकसान पहुंचा। अभ्यास के दौरान दो लोगों को गंभीर, दो को सामान्य रूप से घायल तथा एक व्यक्ति की मृत्यु दर्शाई गई। साथ ही दो बकरियों के घायल होने का भी परिदृश्य बनाया गया। रेस्क्यू टीमों ने त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाकर अपनी कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया।
बंगापानी में गोरीगंगा नदी का बढ़ा जलस्तर तहसील बंगापानी के बरम क्षेत्र में गोरीगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की काल्पनिक स्थिति पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। नदी में फंसे चार लोगों और दो बकरियों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर पहुंचाया गया। जलस्तर बढ़ने से खतरे की जद में आए तीन आवासीय भवनों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज बरम में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाकर आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।
धारचूला में एनएचपीसी टनल हादसे का अभ्यास धारचूला स्थित एनएचपीसी पावर परियोजना के निकट भूस्खलन से टनल में लोगों के फंसने का परिदृश्य तैयार किया गया। रेस्क्यू टीमों ने टनल के दोनों सिरों से मलबा हटाकर भीतर फंसे 30 लोगों (5 अधिकारी एवं 25 कर्मचारी) को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल दर्शाए गए दो कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद उप जिला चिकित्सालय भेजने का अभ्यास भी किया गया।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर राहत एवं बचाव का अभ्यास मलघाट क्षेत्र में भूस्खलन और हिमस्खलन से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बाधित होने का अभ्यास किया गया। इस दौरान 80 से 100 वाहन और लगभग 450 से 500 यात्रियों के फंसने की स्थिति दर्शाई गई। मलबे की चपेट में आए आठ घायलों को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा मार्ग को दोबारा यातायात के लिए सुचारु करने का अभ्यास भी सफलतापूर्वक किया गया।
राउंती पुल के पास सड़क अवरुद्ध होने का परिदृश्य धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग पर राउंती पुल के निकट भूस्खलन और बोल्डर गिरने से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति का भी अभ्यास किया गया। लगभग 30 से 40 वाहनों में फंसे 150 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा सीमा सड़क संगठन द्वारा सड़क को पुनः यातायात के लिए बहाल करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
सभी विभागों ने निभाई अहम भूमिका इस राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन (BRO), एनएचपीसी, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
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