चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाएं अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। जनपद चम्पावत के लोहाघाट नगर में 'कालसन बाबा स्वयं सहायता समूह' की महिलाओं ने 'वान्या लाइब्रेरी' की स्थापना कर आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
यह लाइब्रेरी मुख्यमंत्री के विजन और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से स्थापित की गई है। कुल 10 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना में ग्रामोत्थान परियोजना ने 6 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग दिया, जबकि समूह की महिलाओं ने 3 लाख रुपये का बैंक ऋण और 1 लाख रुपये का स्वयं का अंशदान जुटाकर इसे साकार किया।
वान्या लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही लॉकर सुविधा, सुव्यवस्थित कैंटीन और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की गई है। वर्तमान में यहां 131 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और 24×7 अध्ययन सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
लाइब्रेरी के संचालन से सभी खर्चों के बाद स्वयं सहायता समूह को प्रतिमाह 60 से 65 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं।
यह पहल दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं की उद्यमशीलता मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा कर सकती है। लोहाघाट की 'वान्या लाइब्रेरी' अब न केवल शिक्षा का केंद्र बन चुकी है, बल्कि उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक उद्यमिता का एक सफल मॉडल भी बनकर उभरी है।


