पिथौरागढ़। टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पिथौरागढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कम समय में निवेश की रकम को दोगुने से अधिक करने का लालच देकर एक व्यक्ति से 18 लाख 96 हजार 866 रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को हल्द्वानी से गिरफ्तार किया।

मामला 21 दिसंबर 2025 का है। थाना जाजरदेवल में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया कि उसने टेलीग्राम पर एक निवेश योजना देखी थी। योजना में कम समय में धनराशि को दोगुने से अधिक करने का दावा किया जा रहा था। अधिक मुनाफे के लालच में आकर पीड़ित ने बिना पर्याप्त सत्यापन किए अलग-अलग किस्तों में कुल 18,96,866 रुपये निवेश कर दिए।

बाद में जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब तक उसके लाखों रुपये साइबर ठगों के हाथ लग चुके थे।

मामले में थाना जाजरदेवल में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक आशीष रावत द्वारा की जा रही है।

तकनीकी जांच से सामने आया आरोपी विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल सुरागों का विश्लेषण किया। जांच में आरोपी की पहचान योगेश उत्तम पांचाल, निवासी ग्राम पैदा गुला बड़ा धुला, थाना झुक्कल, तेलंगाना के रूप में हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ के निर्देशन में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सर्विलांस और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और रणनीति के माध्यम से आरोपी को हल्द्वानी से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

पुलिस टीम निरीक्षक रविन्द्र यादव – एसएचओ, थाना अस्कोट कांस्टेबल गोविन्द्र रौतेला – एसओजी कांस्टेबल ध्रुव सिंह अ0उ0नि0 हेम चन्द्र – सर्विलांस टीम कांस्टेबल कमल तुलेरा – सर्विलांस टीम पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर मिलने वाली जल्दी पैसा दोगुना करने, निवेश पर असामान्य मुनाफा देने या कम समय में अधिक रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित संस्था और योजना की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें।